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मांस से सिर्फ नगैट्स, पैटीज और सॉसेज ही नहीं, बल्कि कुकीज और अचार जैसे स्वादिष्ट उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं. वैज्ञानिक तरीके से मांस का प्रसंस्करण कर ऐसे उत्पाद बनाना स्वरोजगार और कारोबार का अच्छा जरीया बन सकता है.

इसी दिशा में भाकृअनुप-केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई), अविकानगर में सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. 30 अक्तूबर से 5 नवंबर, 2026 तक चले इस प्रशिक्षण का विषय ‘स्वच्छ मांस उत्पादन, वैज्ञानिक प्रसंस्करण एवं उत्पाद निर्माण’ था. इस में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के 10 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. इन में 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं.

मांस से नए उत्पाद बनाने का मिला प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वच्छ और सुरक्षित मांस उत्पादन, वैज्ञानिक तरीके से पशु वध, मांस प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच की जानकारी दी गई. साथ ही मांस से नगैट्स, पैटीज, सौसेज, अचार और कुकीज बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. प्रतिभागियों ने खुद उत्पाद तैयार करने की बारीकियां सीखीं.

पशु अपशिष्ट से भी कमाई के अवसर

प्रशिक्षण में पशुओं के वध के बाद निकलने वाले अपशिष्ट से उपयोगी उत्पाद तैयार करने की तकनीकों पर भी चर्चा हुई. इस का उद्देश्य अपशिष्ट का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आमदनी के रास्ते तलाशना था. विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक प्रसंस्करण और सही तकनीक अपना कर मांस उद्योग में नए कारोबार की संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं.

उपभोक्ताओं की पसंद के उत्पाद बनाने पर जोर

संस्थान के निदेशक डा. अरुण कुमार तोमर ने प्रतिभागियों से उपलब्ध आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक जानकारी का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं की पसंद के उत्पाद तैयार करने का सुझाव दिया. उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों से उन के अनुभव और सुझाव भी लिए तथा मांस प्रसंस्करण क्षेत्र में मौजूद रोजगार और उद्यमिता के अवसरों पर चर्चा की.

कार्यक्रम का आयोजन डा. अरुण कुमार तोमर के मार्गदर्शन में किया गया. इस का समन्वय डा. अरविंद सोनी, डा. एसएस डांगी और डा. सरिता कुमारी ने किया.

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित मांस उत्पादन और आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों का ज्ञान दे कर प्रतिभागियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना था. Meat Business

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