Tree Plantation : “एक पेड़ माँ के नाम” से दिया परिवार संरक्षण का संदेश

Tree Plantation. “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान-2026 के अनुसार उद्यान विभाग ने पौधरोपण और पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया हैं. जानिए अभियान का मुख्य उद्देश्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सारी जानकारी.

उत्तर प्रदेश की सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की शुरुआत की है, जिसके तहत उद्यान विभाग में पौधरोपण और पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

इस कार्यक्रम में, अधिकारियों ने खुद पेड़ लगाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में गहन जानकारियां दी. उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का अनुरोध किया, ताकि हमारा पर्यावरण स्वच्छ और स्वस्थ बना रहे.

उद्यान विभाग में पौधरोपण का हुआ भव्य आयोजन

सीतापुर के कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक और जिला उद्यान अधिकारी के नेतृत्व में पौधरोपण किया गया. इस दौरान कई तरह के पौधे लगाए गए, जैसे आम, नीम, पीपल, बरगद, जामुन. पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का संदेश दिया गया. मौजूद अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की अपील की है.

लोगो को मुफ्त में वितरित किये गए पौधे

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को निशुल्क पौधे वितरित किए गए. लोगों को अपने घर, खेत, विद्यालय और सार्वजनिक स्थलों पर पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया गया. लोगों से कहा गया कि पौधे लगाना एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन उनकी देखभाल और संरक्षण भी बहुत जरूरी है. अगर हम पौधों की ठीक से देखभाल करेंगे, तो वे भविष्य में पर्यावरण को सुरक्षित रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

अभियान बना प्रकृति और मातृत्व के सम्मान का प्रतिक

जिला उद्यान अधिकारी राज श्री ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और मातृत्व के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है. यह हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि, अगर हर नागरिक अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो यह पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा योगदान होगा और एक मिसाल बनेगी.

देशभर में चल रहा है वृक्षारोपण का महाअभियान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने का अभियान चल रहा है. वन, उद्यान, ग्राम विकास, पंचायती राज, शिक्षा और अन्य विभागों के साथ मिलकर करोड़ों पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पेड़ लगाकर प्रदेश को हरा-भरा बनाना है. साथ ही, जलवायु परिवर्तन के बुरे प्रभावों को कम करना, जमीन के नीचे के पानी को बचाना और विभिन्न प्रकार के जीव-जन्तुओं और पौधों की विविधता को बढ़ाना है.

जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी रहे मौजूद

इस मौके पर राजेश शुक्ला, जया सिंह और उद्यान विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और महत्वपूर्ण लोग मौजूद थे. सभी ने इस अभियान के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया. इस कार्यक्रम के जरिए पर्यावरण की रक्षा को लोगों की भागीदारी से जोड़ने और समाज में अधिक हरियाली लाने का आग्रह किया गया.

‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण : छात्रों ने लिया संकल्प

उदयपुर: 21 अक्तूबर, 2024. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के सस्य विज्ञान फार्म एवं महाविद्यालय खेल प्रांगण पर वृक्षारोपण कार्यक्रम ‘एक पेड़ मां के नाम’ की निरंतरता में 200 अशोक के पौधों का रोपण किया गया, जिस में महाविद्यालय के नवआगंतुक बीएससी (कृषि) स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा यह संकल्प लिया गया कि इस पौधे की अध्यापन अवधि के दौरान पूरे 4 वर्ष तक पौधे के पूरे रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगे.

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अजीत कुमार कर्नाटक द्वारा शुभारंभ करते हुए वृक्षों के महत्व व उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी देते हुए पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखने में सहयोग पर बल दिया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. आरबी दुबे द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन पौधों के रोपण के साथ ही समयसमय पर निरंतर रखरखाव का पूरा ध्यान रखने की बात दोहराई एवं विद्यार्थियों को बताया कि यह पौधा संबंधित विद्यार्थी की स्नातक डिगरी के लिए अनिवार्य होगा.

कार्यक्रम के समन्यक एवं सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा डा. कपिल देव आमेटा ने बताया कि ये लगाए गए अशोक के पौधे महाविद्यालय प्रांगण की सुंदरता के साक्षी होंगे.

इस अवसर पर ग्रीन पीपल सोसायटी के यासीन पठान, शिवजी गौड़, महाविद्यालय के विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं वरिष्ठ विद्यार्थियों की उपस्थिति रही. वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. एसएस लखावत एवं प्रशासनिक अधिकारी डा. रमेश बाबू द्वारा समस्त सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया.

one tree in the name of mother

एकवर्षीय कृषि आदान विक्रेता पाठ्यक्रम के 5वें बैच का प्रमाणपत्र वितरित

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अजीत कुमार कर्नाटक ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि कृषि आदान विक्रेता मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रख कर काम करें, तो भारत की कृषि नए आयामों को स्थापित करने में अपना अमूल्य योगदान प्रस्तुत करेगी. कृषि आदान विक्रेता को अच्छा प्रेक्षणकर्ता, मार्गदर्शक, प्रतिनिधि, सलाहकार, समन्वयक, दूरदर्शी, प्रशासक एवं योजक होना चाहिए, ताकि वह देश के विकास में अपना अह्म योगदान दे सके.

इस अवसर पर राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. आरबी दुबे ने अपने उद्बोधन में प्रजनक बीज के बारे में बताया और डा. आरएल सोनी, निदेशक प्रसार शिक्षा ने नवीनतम् कृषि प्रौद्योगिकी द्वारा कृषि नवाचार आदि के बारे में अभ्यर्थियों को जानकारी दी.

कार्यक्रम में डा. एमके महला, आचार्य कीट विज्ञान एवं पाठ्यक्रम सह समन्वयक ने बताया कि वर्तमान में एकवर्षीय कृषि आदान विक्रेता पाठ्यक्रम में राजस्थान के 40 अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं और अब तक 280 अभ्यर्थी इस पाठ्यक्रम का लाभ ले कर अपना व्यापार सुचारू रूप से चलाते हुए  अपना जीवनयापन कर रहे हैं.

पाठ्यक्रम के समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष डा. रमेश बाबू ने पाठ्यक्रम में उपस्थित अभ्यर्थियों को उचित कीटनाशकों के उपयोग के बारे में बताया और उपस्थित संकाय सदस्यों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन उद्यान विज्ञान विभाग के सहप्राध्यापक एवं सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा डा. कपिल देव आमेटा ने किया.