Lifetime Achievement Award : डा. कर्नाटक सम्मानित

Lifetime Achievement Award : आस्था फाउंडेशन, मेरठ और सहयोगी संस्थानों द्वारा ‘सतत कृषि एवं संबद्ध विज्ञान के लिए वैश्विक अनुसंधान पहल (जीआरआईएएएस-2025)’ पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 5 अक्तूबर, 2025 को प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपुर में किया गया. इस दौरान महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अजीत कुमार कर्नाटक को लाइफटाइम अचीवमैंट अवार्ड (Lifetime Achievement Award) से सम्मानित किया गया.

डा. अजीत कुमार कर्नाटक को पुरस्कार प्रदान करते हुए डा. एसपी सिंह, आयोजन अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक, सीएसएयूएटी, कलाई, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) ने बताया कि यह सम्मान इन्हें कीट विज्ञान शिक्षण, अनुसंधान व प्रसार में शानदार और आजीवन योगदान के लिए दिया गया है.

उल्लेखनीय है कि डा. अजीत कुमार कर्नाटक ने 40 साल तक कृषि और कीट विज्ञान क्षेत्र में अपनी शानदार सेवाएं दी हैं. इन्हें मधुमक्खीपालन, चावलगेहूं और गन्ना पारिस्थितिकी तंत्र के कीट प्रबंधन और मृदा जैव प्रबंधन में विशेषज्ञता प्राप्त है. इन्होंने तराई क्षेत्र में मधुमक्खी की एपिस मेलिफेरा प्रजाति स्थापित की और इस के पालन के लिए प्रबंधन पद्धतियां विकसित कीं, जिस से शहद मोम और दूसरे शहद उत्पादों के उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि हुई है और परपरागण वाली फसलों की उत्पादकता में वृद्धि हुई है. इन्होंने उत्तराखंड सरकार के कृषि पोर्टल का मधुमक्खीपालन भाग विकसित किया.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डा. अनिल कुमार सिंह, पूर्व डीडीजीएनआरएम, आईसीएआर और पूर्व कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, विशिष्ट अतिथि एवं डा. बी.के चक्रवर्ती, पूर्व निदेशक मत्स्य विभाग, बंगलादेश, पूर्व कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर डा. यूएस शर्मा, डा. शहनाज अयूब, निदेशक, बुंदेलखंड नवाचार और इन्क्यूबेशन केंद्र फाउंडेशन, बीआईइटी, झांसी (उप्र), डा. आरएल सोनी, निदेशक प्रसार एवं देश के विभिन्न कृषि वैज्ञनिक और शोधार्थी उपस्थित थे.

‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित हुए डा. राजाराम त्रिपाठी

पिछले 30 सालों से अधिक समय से हर्बल कृषि के क्षेत्र में नित नएनए शोध एवं प्रयोगों की वजह से हर्बल कृषि में वैश्विक स्तर पर लगातार कई कीर्तिमान स्थापित करते हुए कृषि को फायदे का सौदा बना कर उस से लाभ प्राप्त करने वाले बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले के प्रसिद्ध हर्बल किसान डा. राजाराम त्रिपाठी को थिंक मीडिया, बालाजी समूह ने उद्यानिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की सहभागिता में छत्तीसगढ़ व बस्तर की कृषि के ज्वलंत मुद्दों पर जीवंत चर्चापरिचर्चा आयोजित की एवं बस्तर के प्रगतिशील किसानों को मंच से सम्मानित किया.

इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण था बस्तर के डा. राजाराम त्रिपाठी के द्वारा अंचल की खेतीकिसानी और मुख्य रूप से जनजातीय समुदाय की 30 वर्षों से की गई अनवरत सेवा के लिए ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित करना. उन को यह सम्मान बस्तर के अंचल के लोकप्रिय जननायक केबिनेट मंत्री एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम और वरिष्ठ पत्रकार एएन द्विवेदी के द्वारा प्रदान किया गया.

इस कार्यक्रम में प्रदेश में सब से कम उम्र में मंत्री बनाए गए और 15 वर्षों तक लगातार मंत्री रहे कद्दावर नेता केदार कश्यप, शाकंभरी बोर्ड के सदस्य रितेश पटेल, जनप्रतिनिधि तरुण गोलछा, जिजप सदस्य बाल सिंह बघेल, उद्यानकी व कृषि विभाग के उच्चाधिकारी गौतम, ध्रुव, समाजसेवी यतीद्र छोटू सलाम, मां दंतेश्वरी हर्बल समूह के निदेशक अनुराग कुमार, बलई चक्रवर्ती, शंकर नाग, कृष्णा नेताम, मेंगो नेताम और अनुज नाहरिया, अजय यादव सहित मीडिया जगत के साथियों की मौजूदगी रही.

इस आयोजन में सम्मानित होने वाले प्रगतिशील किसान महिला समूहों ने भी सैकड़ो की संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. इस अवसर पर डा. राजाराम त्रिपाठी ने उन्हें सम्मानित करने वाली संस्थाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय मीडिया के साथियों को हमेशा सहयोग देने और हौसला बढ़ाने के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया.

उन्होंने कहा कि यह सम्मान दरअसल उन का सम्मान नहीं है, यह तो बस्तर की माटी का सम्मान है और उन्होंने अपने सम्मान को मां दंतेश्वरी हर्बल समूह परिवार के सभी सदस्यों को सादर समर्पित किया.

उन्होंने आगे यह भी कहा कि मां दंतेश्वरी, बस्तर की माटी के प्रताप एवं मां दंतेश्वरी हर्बल समूह के साथियों के कठोर परिश्रम से उन्हें देशविदेश में सैकड़ों अवार्ड और पुरस्कार मिले हैं, किंतु अपनी कर्मभूमि में अपने क्षेत्र के जननायकों के हाथों सम्मानित होना मेरे जीवन का सब से बड़ा सम्मान है.

गौरतलब है कि डा. राजाराम त्रिपाठी द्वारा “मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म एवं रिसर्च सैंटर” के जरीए विगत 3 दशकों से कई प्रकार के देशविदेश में भारी मांग वाली हर्बल फसलों जैसे सफेद मूसली, स्टीविया, काली मिर्च, आस्ट्रेलियन टीक आदि फसलों की गुणवत्ता, उत्पादकता और लाभदायकता बढ़ाने के दृष्टिकोण से इन पर निरंतर शोध का काम करते हुए कई हर्बल फसलों की उन्नत किस्में भी डा. राजाराम त्रिपाठी के द्वारा विकसित की गई हैं. इन नई किस्मों की अंकुरण दर और उन की उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है. इन के द्वारा विकसित की गई उन्नत किस्म की काली मिर्च “मां दंतेश्वरी काली मिर्च-16” और ‘आस्ट्रेलियन टीक’ की सफल जुगलजोड़ी ने कृषि जगत में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय खबरों में भी धूम मचाई है. हाल में ही इन्हें 40 लाख रुपए में बनने वाले 1 एकड़ के “पौलीहाउस” का मात्र डेढ़ लाख रुपए में सस्ता टिकाऊ और ज्यादा लाभ देने वाला नैसर्गिक विकल्प “नेचुरल ग्रीनहाउस” के सफल मौडल के लिए देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के हाथों देश के सर्वश्रेष्ठ किसान का अवार्ड भी प्रदान किया गया है.

बीएससी (गणित), एलएलबी, कार्पोरेट- ला एवं 5 अलगअलग विषयों में स्नातकोत्तर की डिगरियों और डाक्टरेट की उपाधि के साथ डा. राजाराम त्रिपाठी देश के सब से ज्यादा पढ़ेलिखे अग्रिम पंक्ति के किसान नेता के रूप में भी जाने जाते हैं.

सब से बड़ी बात यह है कि इन के इन रिसर्च एवं नवाचारों के फायदे बस्तर, छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि पूरे देश के किसान उठाने लगे हैं.