Mandi Checklist for Farmers : जिस तरह इन दिनों मंडियों में खरीदारी हो रही है, उसे देख लगता यही है कि मंडी लड़ाई के मैदान से कम नहीं और इस मैदान को जीतने के लिए किसानों को कई छोटीमोटी बुनियादी सहूलियतों और सामान की जरूरत होती है. आमतौर पर मंडी में किसान जरूरी तैयारियों के साथ नहीं जाते हैं, जिस से उन्हें बेवजह की परेशानी उठानी पड़ती है.
इन्हें साथ ले जाएं
मंडी में किसान की पहली परेशानी अच्छे खाने की होती है. बड़ी मंडियों में कैंटीन होती है और वहां सस्ता खाना भी मिलता है. आमतौर पर यह खाना आलू की सब्जी, पूरी और अचार होता है. पर यह साफ व शुद्ध होगा, इस की गारंटी कोई नहीं लेता. छोटी मंडियों में कैंटीन नहीं होती, लिहाजा किसान को खाने के लिए ढाबों या ठेलों पर जाना पड़ता है.
गरमियों में खाना जल्दी खराब होता है, इसलिए किसान को बाहर का खाना खाने से परहेज करना चाहिए. अगर हो सके तो घर से ही सत्तू ले जाना चाहिए.
आजकल अच्छी कंपनियों के चिप्स, भुजिया वगैरह मिलते हैं. मंडी में ठहरने के दौरान इन का सेवन सही रहता है. घर से भी कुछ ऐसा सामान ले जा सकते हैं.
ये दवाएं रखें
मंडियों में बिक्री के दिनों में हजारों की तादाद में किसान रहते हैं, जिन से संक्रामक बीमारियों का डर बना रहता है. लिहाजा किसानों को मंडियों में खास एहतियात बरतनी चाहिए.
मंडियों में किसान अकसर छोटीमोटी बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं, पर उन्हें इलाज तुरंत नहीं मिलता. सरकार तो बिक्री और सीजन के दिनों में मंडी में डाक्टर रखने से रही, इसलिए किसानों को कुछ दवाएं अपने साथ रखनी चाहिए.
पैरासिटामौल की गोलियां सभी मेडिकल स्टोरों पर मिलती हैं. अगर जरा भी हरारत या बुखार लगे तो तुरंत एक गोली खा लेनी चाहिए. यह ध्यान रखना चाहिए कि गोली खाली पेट न ली जाए. पेट की गड़बड़ी और दस्त रोकने के लिए एंट्राक्वानाल या लेमोफेन गोली सुबहशाम खाई जा सकती है.
मोच या दर्द से बचने के लिए वोलिनी मलहम अपने साथ रखें. डिटोल की छोटी शीशी व रुई भी रखनी चाहिए.
गरमी और लू से बचने के लिए पुदीन हरा की गोलियां रखें. पैरासिटामोल की गोली लू लगने पर भी कारगर होती है. कच्चा प्याज जेब में रखने से भी फायदा होता है. ग्लूकोज का डब्बा भी रखना चाहिए और हर 4 घंटे में इस का इस्तेमाल करना चाहिए.
जरूरी सामान
धूप से बचने के लिए घर से ही छाता ले जाएं. सिर व कान हमेशा कपड़े से ढक कर रखने चाहिए. आंखों की हिफाजत के लिए रंगीन चश्मा पहनना चाहिए. मंडी जाते समय छोटे तौलिए जरूर रखें. साबुन, तेल, कंघा, आइना व पाउडर भी रख लें. ट्रौली या बैलगाड़ी में तिरपाल रख ली जाए तो बारिश होने पर अनाज बचाने में आसानी होगी.
हिसाबकिताब रखने के लिए एक छोटा केलकुलेटर जरूर रखें, जिस से व्यापारियों और मुलाजिमों की ठगी से बचने में सहूलियत हो. लिखापढ़ी के लिए पेन व कागज का पैड भी साथ रखना चाहिए. मोबाइल में पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए, जिस से जरूरत के समय बातचीत की जा सके.
सीहोर के एक किसान राजकुमार राठौर बताते हैं कि मंडी में किसानों को सभी अफसरों के फोन नंबर, डायरी या मोबाइल फोन में रखने चाहिए और जरा सी भी ज्यादती होने पर फोन जरूर करना चाहिए. पैदावार को घर से तोल कर ले जाना चाहिए. हर एक बारदाने पर वजन की परची लगी होगी, तो तुलाई में ज्यादा ठगी नहीं हो पाएगी.
मंडी एक ऐसी जगह है जहां किसान कदमकदम पर ठगा जाता है और परेशान भी किया जाता है. इस की एक बड़ी वजह उस का मंडी में खुद की बुनियादी जरूरतों के लिए सजग न होना है. मिसाल के तौर पर जरा सी तबीयत बिगड़ने या लू लगने पर उस की हिम्मत जवाब दे जाती है और घर भागने की जल्दी में वह अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं पाता.
सब से ज्यादा अहम बात यह है कि किसान को मंडी जाते समय पर्याप्त रुपए रखने चाहिए. कम पैसे होने से उसे कई जगह समझौते करना पड़ते हैं और उधार भी मांगना पड़ता है. घूस देने से ले कर डीजल खरीदने तक में नकद पैसे की जरूरत पड़ती है.
मंडी वाकई किसान के लिए जंग का मैदान है, जहां जीतने के लिए किसी भी तरह की कमी परेशानी खड़ी कर सकती है. Mandi Checklist for Farmers





