VB-G RAM G Scheme : ग्रामीण भारत के विकास और रोजगार सुरक्षा के क्षेत्र में अब एक नया अध्याय जुड़ गया है. केंद्र सरकार ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया है. इसके साथ ही ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है. अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वर्ष में 100 दिन के बजाय 125 दिन के अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी.

यह नई व्यवस्था पूर्व की रोजगार गारंटी प्रणाली का स्थान लेती है और सरकार का दावा है कि इसका उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, आजीविका के अवसर बढ़ाना और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति देना है.

रिकॉर्ड बजट, राज्यों की भी होगी भागीदारी

योजना के सुचारू तरीके से लागू हो इस के लिए केंद्र सरकार ने 95,692.31 करोड़ रुपए का अंतरिम आवंटन किया है. राज्यों की हिस्सेदारी जोड़ने पर कुल व्यय 1.51 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहने का अनुमान है.

बड़े रोजगार के दिन और बढ़ी मजदूरी

नई योजना के तहत रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है. साथ ही सरकार ने 1 जुलाई से संशोधित मजदूरी दरें भी लागू कर दी हैं. राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹300 निर्धारित की गई है, जबकि राज्यों के अनुसार यह दर इससे अधिक भी हो सकती है.

ग्राम पंचायत बनेगी विकास की धुरी

VB-G RAM G की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विकास कार्य ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ के आधार पर तय होंगे. ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार करेंगी, जिन्हें पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान से जोड़ा जाएगा. इससे गांवों में योजनाबद्ध और दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

किन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

नई योजना में चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है :

-जल संरक्षण और जल सुरक्षा.

-ग्रामीण आधारभूत ढांचे का निर्माण.

-आजीविका से जुड़े स्थायी परिसंपत्ति निर्माण.

-बाढ़, सूखा और अन्य चरम मौसम की घटनाओं से निपटने वाले कार्य.

सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के साथ-साथ गांवों की उत्पादक क्षमता भी बढ़ेगी.

तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता

योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन, जीपीएस आधारित कार्यस्थल निगरानी, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं. मजदूरी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी.

केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना के शुरू होने पर कहा कि ‘कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक काम से वंचित न रहे’. उन्होंने कहा कि योजना का आधार ‘ग्राम पंचायत की योजना, गांव की भागीदारी और गांव का विकास’ होगा तथा इससे विकसित भारत के लक्ष्य को नई गति मिलेगी.

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण, खेत-तालाब, ग्रामीण सड़क, सिंचाई और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण से कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पलायन कम होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

योजना के खास बिंदु

-1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू.

-125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी.

-केंद्र का 95,692 करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन.

-कुल अनुमानित व्यय 1.51 लाख करोड़ रुपए से अधिक.

-न्यूनतमदैनिक मजदूरी 300 रुपए.

-ग्राम पंचायत आधारित विकास योजना.

-डिजिटल निगरानी और DBT के माध्यम से पारदर्शी भुगतान.

-जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और आजीविका विकास पर विशेष फोकस.

VB-G RAM G केवल रोजगार गारंटी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की नई कार्य योजना है. यदि यह सही रूप से लागू होती है और ग्राम पंचायतें सक्रिय भागीदारी निभाती हैं, तो यह योजना रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ गांवों में स्थायी विकास, कृषि अवसंरचना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे सकती है.

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