भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर ने दौसा जिले की बहरावडा तहसील स्थित गुमानपुरा गांव में पशु स्वास्थ्य शिविर एवं किसान वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. Animal Husbandry Scheme यह आयोजन संस्थान के निदेशक डा. अरुण कुमार के निर्देशन में हुआ.
‘मालपुरा परियोजना’ के तहत हुआ हजारों पशुओं का इलाज
‘मालपुरा परियोजना’ के तहत इस आयोजन में 178 पशुपालकों ने भाग लिया और शिविर के दौरान वैज्ञानिकों ने 1,493 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाईं.
अविकानगर से आई विशेषज्ञों की टीम ने शिविर में 1,074 मालपुरा नस्ल की भेड़ें, 408 बकरियां, 10 गायभैंस और एक ऊंट का उपचार किया. Animal Husbandry Scheme
आनुवंशिकी एवं प्रजनन विभाग के अध्यक्ष डा. सिद्धार्थ सारथी मिश्रा ने पशुपालकों को कहा :
-पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल इलाज ही नहीं, बल्कि प्रबंधन भी जरूरी है.
-किसानों को नियमित टीकाकरण, पशुओं के आहार में मिनरल मिक्सचर (खनिज लवण) शामिल करने और समय पर पेट के कीड़ों की दवा (डिवोर्मिंग) देने की सलाह दी.
इस अभियान का क्या था उद्देश्य
मालपुरा परियोजना के प्रभारी डा. पीके मल्लिक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के भेड़पालकों का पंजीकरण करना और ‘संस्थान किसान सहयोग’ आधारित योजना को बढ़ावा देना है. उन्होंने क्षेत्र में मालपुरा नस्ल के शुद्ध पशुओं की संख्या को देखते हुए किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से भेड़पालन अपनाने का सुझाव दिया.
क्या है पशु मंगला योजना
कार्यक्रम में टीएसपी नोडल अधिकारी डा. अमर सिंह मीना ने किसानों को ‘पशु मंगला योजना’ की जानकारी दी और पशुओं की टैगिंग के महत्त्व को समझाया.
वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुभाष कच्चावाहा और पशु चिकित्सक डा. सृष्टि सोनी ने बीमार पशुओं का उपचार किया. Animal Husbandry Scheme
क्या है टीएसपी योजना
टीएसपी-(ट्राइबल सब प्लान), यह एक सरकारी योजना है, जिस का मुख्य उद्देश्य जनजातीय और गैरजनजातीय क्षेत्रों के बीच के अंतर को कम करना, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आय के साधन प्रदान करना है.
टीएसपी योजना की मुख्य विशेषताएं हैं :
-जनजातीय क्षेत्रों में साक्षरता बढ़ाना, स्वास्थ्य सेवाएं, बुनियादी ढांचा और गरीबी उन्मूलन (विशेष रूप से गरीबी रेखा से नीचे-बीपीएल परिवारों के लिए) सुनिश्चित करना. Animal Husbandry Scheme
यह योजना उन क्षेत्रों में लागू होती है, जहां जनजातीय आबादी 50 फीसदी या उस से अधिक है, जिस में केंद्र सरकार विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) प्रदान करती है.
-इस के तहत कृषि क्षेत्र, पशुपालन (सूअर/भेड़बकरीपालन) और लघु उद्योग (सिलाई, बांस शिल्प) के लिए वित्तीय अनुदान दिया जाता है. आदिवासी किसानों को पशु टीकाकरण, स्वास्थ्य शिविर और कृषि प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जाता है. Animal Husbandry Scheme





