चीन ने भारतीय चावल के निर्यात को लेकर एक बार फिर सख्ती दिखाई है. चीन ने जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म (GMO) की कथित मौजूदगी का हवाला देते हुए तीन और भारतीय चावल निर्यातकों (Rice Exporters) का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. इसके साथ ही चीन की ओर से अब तक रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स की संख्या 10 हो गई है. भारतीय चावल कारोबारियों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे व्यापार में गैर-टैरिफ बाधा बताया है.

इन 3 कंपनियों पर हुई कार्रवाई

चीन की हालिया कार्रवाई में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित सरला फूड्स और पट्टाभि एग्रो फूड्स के अलावा नई दिल्ली की ओम इंडिया ट्रेडिंग लिमिटेड शामिल हैं. चीन ने इन कंपनियों के रजिस्ट्रेशन को GMO से जुड़ी आपत्तियों के आधार पर रद्द किया है.

एक्सपोर्टर्स ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

‘द राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन’ के प्रेसिडेंट और पट्टाभि एग्रो फूड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बी.वी. कृष्णा राव के अनुसार, चीन के अधिकारियों ने भारतीय चावल की कुछ खेपों में GMO पाए जाने की बात कही है. उन्होंने बताया कि जिन खेपों पर आपत्ति जताई गई, उनमें टूटे हुए चावल भी शामिल थे.

छत्तीसगढ़ राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार , चीन से वापस आई कुछ चावल की खेपों की FSSAI से जांच कराई गई थी, जिसमें GMO नहीं पाया गया. उन्होंने यह भी बताया कि इनमें से कुछ चावल की खेपों को बाद में दूसरे देशों में निर्यात किया गया.

70 से ज्यादा नॉन-बासमती चावल खेपें रिजेक्ट

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मई 2026 के अंत तक चीन ने भारत से भेजी गई कम से कम 70 नॉन-बासमती चावल कंसाइनमेंट को GMO से जुड़ी आपत्तियों के आधार पर रिजेक्ट किया था. इससे पहले कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सात भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स पर भी कार्रवाई की जा चुकी थी.

चीन को भारतीय चावल का निर्यात बढ़ा

APEDA के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत ने चीन को करीब 2.07 लाख टन नॉन-बासमती चावल निर्यात किया था. वहीं, जनवरी से जून 2026 के दौरान यह मात्रा बढ़कर करीब 4.92 लाख टन पहुंच गई.

चावल निर्यातकों ने चीन की इस कार्रवाई का मुद्दा वाणिज्य मंत्रालय के सामने भी उठाया है. कारोबारियों का कहना है कि चीन की ओर से लगाई गई GMO संबंधी आपत्तियों और जांच प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर भारत के चावल निर्यात कारोबार पर पड़ सकता है. Rice Exporters

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