केंद्रीय बजट 2026 में डेयरी क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है. यह बजट पशुपालकों की आमदनी कहीं ज्यादा बढ़ाने वाला होगा और ग्रामीण आजीविका को भी मजबूत देगा Union Budget 2026. किसानों की पशुधन की सुरक्षा और आधुनिक तरीके से पशुपालन सुनिश्चित करने के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रमों, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार दिया जाएगा.
घर-घर पहुंचेगी मोबाइल पशु चिकित्सा
पशुओं के इलाज के लिए चल रही मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों का विस्तार किया जाएगा जिससे हर पशुपालक को घर बैठे पशु चिकित्सा का लाभ मिल सके.
सहकारी समितियों और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को मिलेगा लाभ
बजट में बेहतर दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन अवसंरचना के माध्यम से डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने पर भी विशेष जोर दिया गया है. दुग्ध उत्पादन और उससे संबंधित गतिविधियों में लगे सहकारी समितियों और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों (एलएफपीओ) को समर्थन देने पर विशेष ध्यान दिया गया है. ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप, बजट पशुपालन में नवाचार, प्रौद्योगिकी के उपयोग और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ चारा विकास, पशु आहार सुरक्षा पर भी अनेक लाभान्वित करने वाली योजनाओं का लाभ पशुपालकों को मिलेगा. Union Budget 2026
अधिक दुग्ध उत्पादन, अधिक रोजगार
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ने पर अतिरिक्त लोगों को मिलेगा रोजगार और पोषण सुरक्षा में होगा सुधार.
बढ़ेंगे पशुओं के डाक्टर, पशु रहेंगे स्वस्थ
पशु चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाकर 20,000 से अधिक करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के पशु चिकित्सा और अर्ध-पशु चिकित्सा महाविद्यालयों, पशु अस्पतालों, निदान प्रयोगशालाओं और पशु प्रजनन केंद्रों की स्थापना के लिए ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना शुरू करने की तैयारी है. इसके अलावा भारतीय एवं विदेशी संस्थानों के बीच सहयोग को भी सुगम बनाया जाएगा.
डेयरी फार्मिंग के लिए सब्सिडी
केंद्रीय बजट 2026-27 में पशुपालन में उद्यमिता/डेयरी फार्मिंग और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऋण-आधारित सब्सिडी योजना का प्रस्ताव है, जिससे पशुधन, दुग्ध उत्पादन और मुर्गीपालन उद्यमों को लाभ होगा. इस उपाय का उद्देश्य किसानों को आधुनिक उपकरण अपनाने, उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सहायता करना है. Union Budget 2026
‘भारत विस्तार’ प्लेटफॉर्म जैसे एआई-आधारित कृषि उपकरण, जिनका उद्देश्य दुग्ध उत्पादन और पशुधन उत्पादकों सहित किसानों के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है. ग्रामीण आय विविधीकरण प्रयासों के अंतर्गत दुग्ध उत्पादन और पशुधन किसानों के लिए ऋण और उद्यमिता सहायता पर जोर दिया गया है.
प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए छूट का दायरा बढ़ा
प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा पशुओं के चारे और कपास के बीज की आपूर्ति अब कर कटौती के लिए पात्र होगी, जिससे दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को बेहतर सहायता और कम लागत सुनिश्चित होगी.
नई कर व्यवस्था के तहत एक सहकारी समिति द्वारा दूसरी सहकारी समिति से अर्जित लाभांश आय को कटौती के रूप में अनुमति दी जाएगी, जिससे दुग्ध एवं पशुधन सहकारी समितियों के भीतर वित्तीय प्रवाह मजबूत होगा. Union Budget 2026 इन उपायों से सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और दुग्ध उत्पादक किसानों को सहायता मिलेगी.
लगेंगे नए बायोगैस प्लांट
बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर देय केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना करते समय बायोगैस के संपूर्ण मूल्य को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा. इससे डेयरी क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा और देश में नए बायोगैस संयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा.





