Summer Vegetables: देश में गेहूं और सरसों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. ये दोनों ही रबी की खास फसल है. इनकी कटाई के बाद इन दिनों किसानों के खेत खाली हो जाते हैं. यह ज्यादा फसल का मौसम कहलाता है, इसलिए इस समय जल्दी ही कुछ सब्जियों (Summer Vegetables) को लगाया जा सकता है. ये सब्जियां 45 से 90 दिनों में तैयार हो जाती हैं.

ज्यादा में उगाएं यह सब्जियां :

जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था है वे अप्रैल-मई महीने में भिंडी, लौकी, करेला, तोरई जैसी फसलें लगा सकते हैं. ये सभी सब्जी फसलें कम लागत और कम समय में तैयार हो जाती हैं.

भिंडी की खेती : भिंडी की बोआई अप्रैल महीने के पहले सप्ताह से करें. यह डेढ़ से दो महीने में फल देने लगती है. सीजन में 3-4 बार कटाई हो सकती है. अच्छा उत्पादन लेने के लिए अच्छी किस्में लगाएं. बाजार में भिंडी की अच्छी मांग रहती है. हालांकि, यह सालोंसाल चलने वाली फसल है.

बेल वाली सब्जियां लौकी और तोरई : इन दोनों सब्जियों को भी इन दिनों लगाया जा सकता है. 50-60 दिनों में फल आने शुरू हो जाते हैं. लौकी और तोरई को घर की छत के गमलों में भी लगाया जा सकता है. घर की छत पर लगाई गई सब्जियों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है.

करेला : कम पानी में होने वाली करेला की खेती भी इन दिनों की जा सकती है. आजकल करेले का औषधीय महत्त्व भी बढ़ गया है तो इसके दाम अभी अच्छे मिलते हैं. बीज की उन्नत वैराइटी ही लगाएं.

इसके अलावा बैंगन, खीरा, हरी मिर्च, हरा धनिया और कद्दू की खेती भी की जा सकती है. ये सभी फसलें कम समय में तैयार होने वाली सेहतमंद सब्जियां हैं, जिनकी मांग पूरी साल बनी रहती है. इन्हें उगाना आसान और बेचना भी आसान है.

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