Health Benefits of Guava : अनुभवी और अनुसंधान करने वाले 2 आयुर्वेदिक डाक्टरों विनोद गुप्ता और अजीत सिंह ने बताया कि अमरूद औषधीय फल है. इस में अच्छी सेहत के तमाम राज छिपे हुए हैं. कुछ राज आप की नजर:

* अमरूद का सेवन खांसी में कारगर है. इस के लिए अमरूद को रेत में भून कर खाना चाहिए. जुकाम होने पर भुने हुए अमरूद में नमक लगा कर खाएं.

* अगर कीलमुहासे हैं तो पानी में अमरूद के पत्ते उबाल कर उस में थोड़ा सा नमक मिला कर चेहरे पर लगाना चाहिए.

* अमरूद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. विटामिन सी होने से यह शरीर से जहरीले तत्त्वों को बाहर कर शरीर की बढ़वार करता है.

* पेट संबंधी विकार दूर करने के लिए अमरूद का सेवन करें. इस के बीजों में विटामिन बी होता है जो पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है. अगर कब्ज की शिकायत रहती है या भोजन के प्रति अरुचि पैदा हुई है तो अमरूद पर थोड़ा सा सेंधा नमक छिड़क कर सेवन करें.

* दस्त होने की स्थिति में अमरूद के पेड़ की जड़ को उबाल कर उस का काढ़ा बना कर सेवन करने से फायदा होता है. अगर माइग्रेन का दर्द सताए तो अमरूद को पीस कर माथे पर लेप करने से राहत मिलती है.

* दांतों और हडिड्यों के बनने और उन की मजबूती के लिए कैल्शियम व फास्फोरस की जरूरत से मना नहीं किया जा सकता. अमरूद में ये दोनों ही खनिज सही मात्रा में मौजूद होते हैं. इसलिए ये दांतों और हडिड्यों की मजबूती बढ़ाते हैं. इसी तरह यह स्कर्वी रोग से भी बचाता है.

* अगर पेट में दर्द हो रहा है तो अमरूद के सेवन से फायदा होता है. अगर वायु विकार से पीडि़त हों तो अमरूद पर सेंधा नमक लगा कर खाने से फायदा होता है. दांत में दर्द की शिकायत होने पर अमरूद के ताजा पत्तों को चबाने से फायदा होता है.

* अमरूद का सेवन याददाश्त बढ़ाता है. स्कूलकालेज में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह खास फायदेमंद है. अगर अजीर्ण की शिकायत है तो अमरूद के पत्तों का रस निकाल लें और 2 चम्मच शक्कर मिला कर सुबहसवेरे सेवन करें.

* अगर बच्चों के पेट में कीड़े पड़ गए हैं तो अमरूद में शहद और सेंधा नमक मिला कर खिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं.

* अमरूद का सेवन खून को साफ करता है. नतीजतन, खून विकार से पैदा कीलमुहासे, फोड़ेफुंसियां वगैरह नहीं होते.

* यदि बवासीर रोग से पीडि़त हैं तो यह नुसखा आजमाएं. पके हुए अमरूद में एक छेद करें और उस में आधा चम्मच अजवायन चूर्ण भर दें और छेद को बंद कर गरम रेत में दबा दें. 10-15 मिनट बाद रेत से बाहर निकाल कर इस का सेवन करने से आराम मिलेगा.

* यदि मुंह में छाले हो गए हों तो अमरूद के ताजा पत्तों का रस निकाल कर और उस में थोड़ा सा कत्था मिला कर छालों पर लगाएं. यदि उन्माद का प्रकोप ज्यादा हो तो रोगी को सुबहशाम पके हुए लाल अमरूद खिलाएं.

* जिन के शरीर में खून की कमी या एनीमिया के शिकार हैं, उन्हें रोजना अमरूद का सेवन करना चाहिए. लौह तत्त्व की प्रचुरता होने की वजह से यह खून बनाने में मदद करता है.

* भांग का नशा उतारने की अचूक दवा है अमरूद. नशा चढ़ने के बाद अमरूद खिला दें तो नशा फौरन ही उड़नछू हो जाएगा. पेट में गैस बनती है तो अमरूद पर सेंधा नमक मिला कर सेवन करने से फायदा होता है.

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