Bihar Agriculture Schemes. खेत बचाओ अभियान’ के दौरान बिहार के किसानों के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई बड़े ऐलान किए. बिहार के कृषि क्षेत्र को आधुनिक, समृद्ध और रासायनिक प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं, जिसमें कृषि यंत्रीकरण को मिलेगा बढ़ावा, कृषि यंत्र खरीद पर मिलेगी 80 फीसदी सब्सिडी. मखाना खेती को बढ़ावा, जैविक खेती पर जोर. इसके अलावा अनेक लाभकारी योजनाओं का मिलेगा किसानों को फायदा.

कृषि यंत्रीकरण के लिए 246 करोड़ रुपए मंजूर, कृषि यंत्र खरीद पर 80 फीसदी तक अनुदान

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों की उत्पादन लागत कम करने के लिए कुल 246 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है. इस राशि से राज्य में कृषि यंत्रीकरण को मजबूती मिलेगी.

ये हैं योजनाएं

-267 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जाएंगे.

-480 किसान ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे फसलों की निगरानी और छिड़काव आसान होगा.

-200 कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) बनाए जाएंगे, जो पराली और फसल अवशेष प्रबंधन में मदद करेंगे.

कृषि यंत्रीकरण पर खास फोकस

सरकार ने किसानों को बड़ा लाभ देते हुए घोषणा की है कि आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40 फीसदी से लेकर 80 फीसदी तक का अनुदान (सब्सिडी) दिया जाएगा. इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी आधुनिक मशीनों का उपयोग आसान और किफायती हो जाएगा.

बिहार के बागबानों को मिलेगा बड़ा बाजार

बिहार के किसानों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य आज लीची, मखाना और मशरूम उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। अब इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है.

मखाना बोर्ड का गठन

इसके तहत मखाना पैदा करने वाले किसानों को संगठित बाजार और बेहतर मूल्य मिल सकेगा. इसके लिए 476 करोड़ रुपए की विशेष योजना है जो मखाना की खेती को विस्तार, प्रोसेसिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लागू की जाएगी. इस योजना से किसानों को नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी.

भंडारण और प्रोसेसिंग को मिलेगा विस्तार

फसल कटाई के बाद किसानों को होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए बिहार में मजबूत ग्रामीण कृषि ढांचा तैयार किया जाएगा. इसके तहत विभिन्न प्रकार की इकाइयों की स्थापना की जाएगी.

मखाना बोर्ड का गठन, जिससे मखाना उत्पादकों को संगठित बाजार और बेहतर मूल्य मिल सके.

476 करोड़ रुपए की विशेष योजना. मखाना की खेती के विस्तार, प्रोसेसिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए यह योजना लागू की जाएगी. इससे बिहार के किसानों को वैश्विक स्तर पर नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी.

भंडारण और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा विस्तार. फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए बिहार में मजबूत ग्रामीण कृषि ढांचा तैयार किया जाएगा. इसके तहत विभिन्न प्रकार की इकाइयों की स्थापना की जाएगी.

जानिए यहां :

-304 भंडारण गोदाम बनेंगे.

-800 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर.

-11 दाल मिल इकाइयां लगेंगी.

-102 तेल प्रसंस्करण इकाइयां लगेंगी.

-204 कोल्ड प्रेस तेल इकाइयों की होगी शुरुआत.

सुधरेगी मिट्टी की सेहत

प्रदेश में मिट्टी की सेहत सुधारने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके तहत 65 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं को मंजूरी दी गई है.

बिहार में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली यह अनेक योजनाएं बेहद ख़ास हैं, जो कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने का काम करेंगी. प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से मखाना किसानों की आमदनी बढ़ेगी और जैविक खेती को बढ़ावा मिलने से किसान की लागत घटेगी और किसान को होगा अधिक फायदा.

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