ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी (Agri Machinery) क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है. ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (TAFE) की सहयोगी कंपनी TAFE Motors ने राजस्थान के अलवर में जर्मनी की प्रसिद्ध कंपनी DEUTZ AG के साथ मिलकर नई इंजन निर्माण इकाई शुरू की है. इससे अब आधुनिक DEUTZ इंजन भारत में ही तैयार होंगे. यह कदम देश में कृषि मशीनरी और औद्योगिक उपकरणों के निर्माण को नई मजबूती देगा.
भारत में बनेंगे आधुनिक इंजन
TAFE Motors अब लाइसेंस के तहत 2.2 लीटर और 2.9 लीटर क्षमता वाले DEUTZ इंजन तैयार करेगी. ये इंजन भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी भेजे जाएंगे. नई फैक्ट्री में हर साल 35,000 इंजन और 50,000 सब-असेंबली बनाने की क्षमता होगी.
आधुनिक तकनीक से होगा उत्पादन
यह उत्पादन इकाई पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर आधारित है. इसमें Industry 4.0 और मैन्युफैक्चरिंग एक्जीक्यूशन सिस्टम (MES) जैसी डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया गया है. इससे उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होगी, काम तेजी से होगा और दक्षता भी बढ़ेगी.
कई क्षेत्रों में होंगे उपयोग
DEUTZ AG की स्थापना वर्ष 1864 में जर्मनी के कोलोन शहर में हुई थी. यह दुनिया की सबसे पुरानी इंजन निर्माता कंपनियों में से एक है.
कंपनी के इंजन ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी, निर्माण उपकरण, फोर्कलिफ्ट, जनरेटर (जेनसेट), लिफ्टिंग मशीनों और रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल किए जाते हैं.
राजस्थान सरकार ने की सराहना
उद्घाटन के दौरान राजस्थान के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि यह परियोजना राजस्थान को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. इससे ‘मेड इन राजस्थान फॉर द वर्ल्ड’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बेहतर माहौल और आसान कारोबारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है.
किसानों और कृषि उद्योग को होगा फायदा
भारत में DEUTZ इंजन बनने से कृषि मशीनरी बनाने वाली कंपनियों को विश्वस्तरीय इंजन आसानी से मिल सकेंगे. इससे मशीनों की उपलब्धता बढ़ेगी, आयात पर निर्भरता कम होगी और कृषि यंत्रीकरण को गति मिलेगी. साथ ही, इंजन के निर्यात से भारत की पहचान वैश्विक इंजन निर्माण केंद्र के रूप में और मजबूत होगी. Agri Machinery





