Farm Machinery Subsidy-
बिहार में 44 तरह के कृषि यंत्र खरीदने के लिए जारी हुए परमिट, 30 दिन में करनी होगी खरीद.
बिहार के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य सरकार गन्ने की खेती में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर आर्थिक मदद दे रही है. गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत राज्य के गन्ना उत्पादक जिलों के 3,173 किसानों को कृषि यंत्र और गन्ना जूसर मशीन खरीदने के लिए परमिट जारी किए गए हैं. किसानों को अलगअलग कृषि यंत्रों पर 40 से 50 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा.
क्या है योजना का मकसद
इस योजना का मकसद गन्ने की खेती में लगने वाले समय और मजदूरी की लागत को कम करना है, ताकि किसान कम खर्च में खेती के काम तेजी से पूरा कर सकें और उन की आमदनी बढ़ाने में मदद मिले.
44 तरह के यंत्रों पर मिलेगी मदद
गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को 44 प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है. इस के अलावा गन्ना जूसर मशीन की खरीद को भी योजना में शामिल किया गया है. इन मशीनों की मदद से गन्ने की बोआई, निराईगुड़ाई, मिट्टी चढ़ाने और खेती से जुड़े दूसरे काम कम समय और कम मेहनत में किए जा सकेंगे.
कृषि कार्यों में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों को मजदूरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही समय पर खेती के काम पूरे होने से उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने की संभावना भी रहेगी.
परमिट मिलने के 30 दिन में खरीद जरूरी
जिन किसानों के नाम परमिट जारी किए गए हैं, उन्हें इस के बाद 30 दिनों के भीतर अधिकृत कृषि यंत्र विक्रेता से संबंधित मशीन खरीदनी होगी. मशीन खरीदने के बाद किसान को उस की रसीद और निर्धारित दस्तावेज औनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से जमा करने होंगे. प्रक्रिया पूरी होने और पात्रता की जांच के बाद अनुदान की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी.
पहले औनलाइन आवेदन, फिर हुआ किसानों का चयन
गन्ना यंत्रीकरण योजना के लिए किसानों से 1 अगस्त से 25 अगस्त, 2026 तक सुमेक पोर्टल पर औनलाइन आवेदन लिए गए थे. प्राप्त आवेदनों का संबंधित अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया. सत्यापन के बाद पात्र किसानों के पक्ष में कृषि यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी किए गए हैं.
किसानों की लागत घटाने पर जोर
गन्ने की खेती में कई ऐसे काम हैं, जिन में अधिक मजदूर और समय की जरूरत पड़ती है. ऐसे में मशीनों का इस्तेमाल किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकता है. सरकार का जोर ऐसी तकनीक और मशीनों को बढ़ावा देने पर है, जिस से किसान खेती के काम कम समय में पूरा कर सकें और उत्पादन लागत को नियंत्रित कर सकें.
बिहार सरकार का मानना है कि गन्ने की खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों का इस्तेमाल बढ़ने से खेती अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बन सकती है. गन्ना यंत्रीकरण योजना इसी दिशा में किसानों को मशीनों से जोड़ने की पहल है.
ध्यान देने वाली बात
बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल के अनुसार सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान का पंजीकरण जरूरी है और औनलाइन योजनाओं के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या का इस्तेमाल किया जाता है. Farm Machinery Subsidy





