Chicken Feed.  अंडा और चिकन खाना दुनियाभर में तमाम लोगों को पसंद है. इन से बनने वाले पकवान लजीज होने के साथसाथ सेहत के लिए भी अच्छे होते हैं. ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि मुरगी की सेहत के लिए क्या अच्छा है?

प्रोटीन:

मुरगी पालन से हासिल होने वाले उत्पाद में अंडा व मीट, प्रोटीन के बढि़या साधन हैं. मुरगी दाने में प्रोटीन का अहम रोल है. प्रोटीन अमीनो एसिड से मिल कर बनता है. मुरगी को दाने से सभी अमीनो एसिड हासिल होने चाहिए. वानस्पतिक प्रोटीन साधनों की तुलना में जैव प्रोटीन में तकरीबन सभी अमीनो एसिड की मात्रा ज्यादा होती है. हमें मुरगी दाने में दोनों ही प्रोटीन वानस्पतिक व जैविक का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि दाने में सभी जरूरी अमीनो एसिड मुहैया हो सकें.

प्रोटीन के आधार:

प्रोटीन के वानस्पतिक स्रोतों में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, सरसों, सूरजमुखी की खली व मक्का वगैरह हैं. जैव स्रोतों में फिशमील, मीटमील, ब्लडमील, मीट स्क्रैप, प्यूपा (रेशम का कीड़ा) वगैरह आते हैं. फिशमील प्रोटीन का एक अच्छा जरीया है.

मुरगी दाने में प्रोटीन की मात्रा 18-22 फीसदी तक होनी चाहिए.

रेशा:

मुरगी में रेशा यानी फाइबर को पचाने की ताकत बहुत कम होती है. इसलिए मुरगी दाने में फाइबर की फीसदी मात्रा बहुत ही कम यानी 4-7 फीसदी रखी जाती है. यह मुरगी के दाने में पेट भरने का सब से अच्छा अवयव है. चावल, गेहूं वगैरह की कनकी से रेशा दाने में पहुंचता है.

कार्बोहाइड्रेट व फैट:

शरीर में ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने के लिए कार्बोहाइड्रेट व फैट बहुत जरूरी होते हैं. ऊर्जा की जरूरत शरीर का तापमान बनाए रखने व अन्य कामों के लिए होती है. मुरगी दाने में ऊर्जा की सप्लाई मक्का, ज्वार, गेहूं, बाजरा वगैरह से की जा सकती है.

चावल व गेहूं की चूनी भी ऊर्जा के रूप में  इस्तेमाल की जाती है. शुद्ध फैट भी ऊर्जा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह महंगा होने व इस के स्टोरेज पर ज्यादा खर्च होने के चलते दाने की कीमत ज्यादा महंगी पड़ती है. इसलिए इस का इस्तेमाल मुरगी दाने में बहुत कम किया जाता है.

खनिज पदार्थ:

मुरगी के शरीर में हड्डियों व अंडों के निर्माण के लिए दाने में खनिज पदार्थों का होना बहुत जरूरी है. मुख्य खनिजों में कैल्शियम, फास्फोरस, मैगनीज, जिंक, कापर, लोहा, आयोडीन, सोडियम वगैरह का होना जरूरी है.

कैल्शियम की आपूर्ति चूना पत्थर, हड्डी चूरा, आयस्टर सैल वगैरह से की जा सकती है. डाइकैल्शियम फास्फेट, कैल्शियम व फास्फोरस का एक बहुत ही अच्छा साधन है. बाकी खनिज एक संपूर्ण खनिज मिश्रण के माध्यम से दिए जा सकते हैं.

विटामिन:

शरीर की अच्छी बढ़वार, बीमारियों से लड़ने की कूवत पैदा करने व मुरगियों को किसी भी तरह के दबाव यानी स्ट्रेस से बचाने के लिए दाने में विटामिन सही मात्रा में होने चाहिए. दाने में खासकर विटामिन ए, बी, डी व के डाले जाते हैं. कुछ दूसरे विटामिन की जरूरत बहुत ही कम होती है, जो दूसरी चीजों से पूरी हो जाती है.

पानी:

पानी मुरगी व सभी जीवों के दाने का एक खास हिस्सा है. शरीर के सभी सामान्य कामों के लिए पानी की जरूरत होती है. पानी की कमी से दाने के पाचन में बाधा आती है. मुरगियों की बढ़वार व उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है. मुरगियों को तंदुरुस्त रखने व उन से अच्छा उत्पादन लेने के लिए हर वक्त साफ व ताजा पानी मौजूद रहना चाहिए. Chicken Feed.

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