Avishaan Sheep Breed-

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में विगत दिनों कर्मचारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआर के महानिदेशक एवं सचिव (डेयर) डा. मांगीलाल जाट ने की.

इस अवसर पर आईसीएआर के उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान) डा. राघवेंद्र भट्टा, संस्थान के निदेशक डा. अरुण कुमार तोमर, आईसीएआर मुख्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारी तथा संस्थान के विभिन्न वर्गों के कर्मचारी मौजूद रहे.

ऊनी उत्पादों से अतिथियों का हुआ स्वागत

कार्यक्रम में संस्थान द्वारा तैयार ऊनी उत्पाद भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया गया. निदेशक डा. अरुण कुमार तोमर ने संस्थान की प्रमुख गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी. उन्होंने संस्थान को मिल रहे निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए महानिदेशक एवं उपमहानिदेशक का आभार व्यक्त किया.

‘अविशान’ को किसानों तक पहुंचाने पर जोर

डा. राघवेंद्र भट्टा ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ‘अविशान’ भेड़ की नस्ल की सफलता को विशेष रूप से रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि को केवल संस्थान तक सीमित रखने के बजाय देशभर के प्रगतिशील किसानों तक पहुंचाया जाना चाहिए. ‘अविशान’ को भारतीय कृषि के लिए गौरवशाली संपत्ति बनाने के लिए इसके व्यापक प्रसार और किसानों से जुड़ाव पर जोर दिया गया.

युवा वैज्ञानिकों को विश्वस्तरीय शोध के लिए प्रेरणा

डा. मांगीलाल जाट ने कर्मचारियों से संस्थान की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और ऊंचा उठाने के लिए सुझाव मांगे. उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को विश्वस्तरीय और उच्च प्रभाव वाले शोध के लिए प्रेरित किया तथा आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया.

समस्याओं का मौके पर समाधान

संवाद के दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और सुझाव महानिदेशक के समक्ष रखे. कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मुद्दों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के लिए आईसीएआर मुख्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए. इस से कार्यक्रम कर्मचारियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण मंच के रूप में सामने आया.

डा. भट्टा ने साझा किए पुराने अनुभव
डा. राघवेंद्र भट्टा ने अविकानगर में अपनी पहली नियुक्ति के दौरान बिताए करीब 10 वर्षों के अनुभव साझा किए. उन्होंने इस अवधि को अपने कैरियर को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव बताया और संस्थान के वैज्ञानिकों से उच्च प्रभाव वाले शोध कार्यों पर ध्यान देने का आह्वान किया.

कार्यक्रम समापन के दौरान पर डा. मांगीलाल जाट ने संस्थान के निदेशक, वैज्ञानिकों और प्रशासनिक टीम के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया. उन्होंने उत्तरदायी शासन और सहयोगात्मक कार्य वातावरण के माध्यम से संस्थान की शोध एवं तकनीकी उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. Avishaan Sheep Breed

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