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तमिलनाडु में किसानों से धान की सरकारी खरीद ने नया रिकॉर्ड बनाया है. साल 2025-26 में राज्य की सरकारी एजेंसियों ने 64.2 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा. यह पिछले साल की 47.98 लाख मीट्रिक टन खरीद से 16.22 लाख मीट्रिक टन अधिक है.

यह खरीद तमिलनाडु नागरिक आपूर्ति निगम, भारतीय खाद्य निगम और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई.

किसानों को मिला बढ़ा हुआ भाव

धान की खरीद बढ़ने की बड़ी वजह किसानों को मिलने वाला बेहतर दाम और सरकारी खरीद की गारंटी रही. राज्य सरकार ने एमएसपी के ऊपर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की है.

उत्तम किस्म के धान पर प्रोत्साहन राशि 156 रुपए से बढ़ा कर 289 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है. वहीं सामान्य किस्म के धान पर यह राशि 131 रुपए से 2 बढ़ा कर 159 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई.

इस के बाद किसानों को उत्तम किस्म के धान के लिए 2,750 रुपए प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म के धान के लिए 2,600 रुपए प्रति क्विंटल तक का कुल खरीद मूल्य मिल रहा है.

आज से होगी नए धान की खरीद

2025-26 का खरीद सीजन रिकॉर्ड खरीद के साथ खत्म होने के बाद अब 2026-27 खरीफ विपणन सीजन की तैयारी शुरू हो गई है. राज्य में नए सीजन के धान की सरकारी खरीद आज से शुरू होगी.

अधिकारियों के मुताबिक, बेहतर कीमत, सरकारी खरीद की गारंटी, अनुकूल मौसम और जलाशयों से समय पर पानी छोड़े जाने के कारण इस साल किसानों ने धान की खेती में अधिक रुचि दिखाई. इस से सरकारी खरीद केंद्रों पर धान की आवक भी बढ़ी.

पीडीएस की जरूरत से ज्यादा चावल

64.2 लाख मीट्रिक टन खरीदे गए धान से करीब 42.44 लाख मीट्रिक टन चावल मिलने का अनुमान है. यह तमिलनाडु की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सालाना जरूरत लगभग 33.36 लाख मीट्रिक टन से करीब 9 लाख टन अधिक है.

इस अतिरिक्त चावल को आने वाले महीनों के लिए भंडार के रूप में रखा जाएगा. इस से राज्य को केंद्र से अतिरिक्त चावल खरीदने पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है.

राशन दुकान पर मिलेगा अच्छा चावल

फिलहाल एफसीआई तमिलनाडु की उचित मूल्य की दुकानों के लिए हर महीने तकरीबन 2.78 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध कराता है. इस के अलावा राज्य केंद्र से करीब एक लाख मीट्रिक टन चावल खरीदता है.

सरकार अब राशन कार्डधारकों को बेहतर गुणवत्ता का चावल उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है. इस के तहत नवंबर से उचित मूल्य की दुकानों पर बेहतर किस्म के चावल का वितरण बढ़ाने की योजना है.

खास बातें

रिकॉर्ड सरकारी खरीद से किसानों को अपनी उपज का बेहतर और सुनिश्चित बाजार मिला है. साथ ही राज्य के पास पीडीएस के लिए पर्याप्त चावल का भंडार तैयार होने से केंद्र पर निर्भरता भी घटने की उम्मीद है. Market Price

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