कई गांवों में पशुपालकों ने दूध के दाम (Milk Price) बढ़ाने का फैसला किया है. उन का कहना है कि अब पशु आहार महंगा हो गया है, ऐसे में पशुपालकों को मुनाफा नहीं मिल रहा. जानें कहाँ बदें है दूध के दाम –
पशुपालक क्यों बढ़ाना चाहते हैं दूध के दाम
पशुपालकों का कहना है कि पशुओं को पालने का खर्च लगातार बढ़ रहा है. खलबिनौला, गुड़, तूड़ा और हरे चारे की कीमत बढ़ने के साथ पशुओं की कीमत भी बढ़ गई है. ऐसे में दूध के दाम बढ़ाना जायज है. हालांकि गरमियों में दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है.
हालांकि अभी कई पशुपालकों के मुताबिक उन्हें अभी 60 से 80 रुपए तक प्रति लीटर दूध का भाव मिल रहा है. बढ़ती लागत को देखते हुए वे दूध की कीमत बढ़ा कर अपनी आमदनी को बेहतर करना चाहते हैं.
पशुपालक हुए एकजुट
हरियाणा में अब आने वाले समय में भैंस का दूध 100 और गाय का दूध 80 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से मिलेगा.
हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और हिसार जिले के कुछ गांवों में पशुपालक दूध के नए रेट तय करने के लिए बैठक कर चुके हैं. इन में भैंस का दूध 100 रुपए और गाय का दूध 80 रुपए प्रति लीटर बेचने की बात कही गई है.
हिसार के हांसी क्षेत्र में कुछ गांवों के पशुपालकों ने गांव स्तर पर अपनी यूनियन बना कर दूध के नए रेट लागू करने की घोषणा की है. यहां 5 सितंबर से गाय का दूध 80 रुपए और भैंस का दूध 100 रुपए प्रति लीटर बेचने का फैसला लिया गया है. इस अभियान की शुरुआत भैणी अमीरपुर गांव से हुई है. इस के बाद राजथल और थुराना गांव के पशुपालक भी इस से जुड़े हैं. इसी तरह कुरुक्षेत्र के बारना गांव में हुई बैठक में भी दूध और घी के दाम तय किए गए.
कम रेट पर दूध और घी बेचने वालों पर लगेगा जुर्माना
कुछ किसानों ने तय किया गया है कि कोई पशुपालक निर्धारित कीमत से कम पर दूध या घी बेचता है तो उस पर 5,100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. यहां भैंस का घी 1,500 रुपए और गाय का घी 2,200 रुपए प्रति किलो बेचने का फैसला लिया गया है.
हर गांव में लागू नहीं हुआ नया रेट
जानकारी के अनुसार हरियाणा के सभी गांवों में दूध के दाम बढ़ाने का फैसला नहीं हुआ है. जींद के सिरसा खेड़ी गांव में कुछ पशुपालकों ने अपने स्तर पर दूध के रेट बढ़ाने की बात कही है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि दूध के दाम बढ़ाने का कोई सामूहिक फैसला नहीं हुआ है और फिलहाल दूध पुराने रेट पर ही बिक रहा है.
हरियाणा में पशुपालकों द्वारा दूध के नए रेट तय किए जाने के बावजूद दुग्ध एजेंसियों ने अभी अपने खरीद रेट में बढ़ोतरी नहीं की है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि ज्यादा गांवों के पशुपालक इन नए रेट की दर कितनी लागू हो पाती है.
ध्यान दें
दूध के 100 रुपए और 80 रुपए वाले रेट अभी सभी हरियाणा में लागू नहीं हैं. ये कुछ गांवों के पशुपालकों द्वारा सामूहिक या स्थानीय स्तर पर तय किए गए रेट हैं. Milk Price





