Dairy Byproduct-

पनीर बनाते समय क्या है वह चीज , जिसे आमतौर पर बेकार समझ कर फेंक दिया जाता है, जबकि इस में मिलता है ताकत का खजाना वह भी फ्री में? इसे जानकार लोग मस्तु कहते हैं. आइए, जानते हैं इस के बारे में कुछ दिलचस्प बातें.

हमारे देश में रोज हजारों लीटर दूध से पनीर बनता है और उस से निकला पानी जिसे हम ‘मस्तु’ कहते हैं, सीधे नाली में बहा दिया जाता है. कालेज औफ डेयरी साइंस एंड फूड टैक्नोलौजी के रसायन विज्ञान विभाग ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत शोध में जानकारी हासिल की है कि पनीर बनाते समय जो पानी निकलता है, वह बेकार नहीं होता, बल्कि पोषण का खजाना है.

इस की सब से बड़ी खूबी यह है कि इसे हर उम्र के लोग पी सकते हैं और इस के स्वाद को अपनी जरूरत के अनुसार बदला जा सकता है. यह सिर्फ प्रोटीन का स्रोत नहीं है, बल्कि इस के फायदे चौंकाने वाले हैं.

क्या है मस्तु?

जब हम दूध फाड़ कर पनीर बनाते हैं, तो दूध फटने पर पीला सा पानी बचता है, जिसे हम बेकार समझ कर ऐसे ही नाली में बहा देते हैं. इसी पानी को मस्तु कहते हैं.

ताकत का खजाना है मस्तु

वैज्ञानिकों की रिसर्च ने बताया है कि दूध की आधी ताकत इसी पानी में चली जाती है. इस में बहुत प्रोटीन होता है और यह बहुत जल्दी पचने वाला भी होता है. इस पानी को इस्तेमाल कर अनेक सेहतमंद पेय या उत्पाद बनाए जा सकते हैं.

मस्तु से क्याक्या बन सकता है?

कालेज औफ डेयरी साइंस ने इसी मस्तु से बहुत सस्ते और स्वादिष्ट अनेक पेय बनाए हैं, जिन्हें आप घर में बना सकते हैं, जैसे :

-सब्जियों वाला पेय : टमाटर का रस+मस्तु, गाजर का रस+मस्तु, खीरा+मस्तु. इसी तरीके से अन्य स्वादिष्ट पेय बनाए जा सकते हैं.

फलों वाला पेय : संतरे का रस+मस्तु, नींबू शिकंजी में पानी की जगह मस्तु मिला कर इस का लाभ लिया जा सकता है.

देसी स्वाद भी : मस्तु में सत्तू, लस्सी, जलजीरा या ग्लूकोज मिला कर अनेक तरह के शरबत भी तैयार किए जा सकते हैं.

बनाने का तरीका है आसान :

-गिलास में मस्तु लें और उस में आधा गिलास फल या सब्जी का रस, थोड़ा नमकचीनी और नीबू मिलाएं, बस पेय तैयार.

इसे पीने से क्या फायदा होता है?

ताकत के लिए : बच्चों और बूढ़े और जवान, सब के लिए प्रोटीन का सस्ता स्रोत है. अगर इस का नियमित सेवन किया जाए तो अनेक बीमारियों से बचाव होता है.

खून की कमी में फायदेमंद : छत्तीसगढ़ में बहुत लोगों को सिकलिंग और खून की कमी होती है. इस में खजूर या अंजीर को मसल कर मिला कर पीने से खून तेजी से बढ़ता है.

रसोई में भी काम का है मस्तु

-मस्तु को आटे में गूंथ सकते हैं. इस से बनने वाली रोटियां ज्यादा नरम और पौष्टिक रहती हैं. इसी तरह से रसोई में अनेक तरीके से मस्तु का इस्तेमाल कर सकते हैं.

कर सकते हैं कमाई भी

इस से कम लागत में अनेक उत्पाद बना कर गांव या बाजार में बेच सकते हैं. इस से खासकर महिलाओं को घर बैठे रोजगार मिल सकता है और साथ में गांव से कुपोषण भी खत्म होगा. Dairy Byproduct

अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें...