VB-G RAM G Scheme. केंद्र सरकार ने खेतिहर मजदूरों, बेरोजगार लोगों के लिए खेती, पशुपालन, सिंचाई, भंडारण और प्रसंस्करण से जुड़े कामों पर दिया जोर, पात्र ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी.
बढ़े रोजगार, नई सूची जारी
गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने विकसित भारत-गारंटी फोर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) के तहत 375 तरह के कामों की सूची जारी की है. पहले इस योजना में 266 तरह के काम शामिल थे. नई व्यवस्था में रोजगार देने के साथ ऐसी सुविधाएं बनाने पर जोर है, जिन से गांवों और किसानों को लंबे समय तक फायदा मिल सके.
इस के तहत पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है.
4 श्रेणियों में बांटे गए काम
योजना के तहत 375 तरह के कामों को 4 श्रेणियों में बांटा गया है :
-जल सुरक्षा के 128 काम : तालाब और जलस्रोतों का सुधार.
चेक डैम और वर्षा जल संचयन.
खेतों तक पानी पहुंचाने वाली नालियों की मरम्मत.
भूजल बढ़ाने और जलभराव वाली जमीन सुधारने के काम.
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से जुड़ी सुविधाएं.
-ग्रामीण बुनियादी ढांचे के 111 काम गांव की सड़कों का निर्माण और सुधार.
सोलर स्ट्रीट लाइट.
पशु चिकित्सा और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र.
स्कूलों में अतिरिक्त कमरे और प्रयोगशालाएं.
कचरा प्रबंधन की सुविधाएं.
-आजीविका से जुड़े 98 काम.
कृषि उपज की सफाई, छंटाई और पैकिंग.
गोदाम और कोल्ड स्टोरेज से जुड़े काम.
छोटी आटा मिल और डेयरी ढांचा.
मशरूम उत्पादन के लिए शैड.
पौलीहाउस और मछलीपालन से जुड़ी सुविधाएं.
कृषि उपज बेचने के लिए बाजार स्थल.
-आपदा प्रबंधन के 38 काम
बाढ़ से बचाव के लिए जरूरी ढांचे.
तटबंधों को मजबूत करना.
राहत और आश्रय स्थल बनाना.
आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक सुविधाओं की मरम्मत.
खेती और पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा.
नई सूची में खेती और इस से जुड़े क्षेत्रों के 181 काम शामिल हैं. इन में सिंचाई, जल संरक्षण, भूमि सुधार, पौधरोपण और पशुपालन से जुड़े काम हैं.
मसलन, जिस गांव में सिंचाई के लिए पानी की कमी है, वहां जल संरक्षण के काम प्रस्तावित किए जा सकते हैं. पशुपालन वाले क्षेत्र में पशुओं के लिए शैड और खेती वाले इलाकों में फसल रखने या उस की सफाईपैकिंग की सुविधाओं की मांग उठाई जा सकती है.
महिलाओं और युवाओं का मौका
इन कामों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ खेती और गांव की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.
योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए भवन, युवाओं के लिए केंद्र और कौशल विकास से जुड़ी सुविधाओं के काम भी शामिल हैं. कमजोर परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रख कर भी कई काम तय किए गए हैं.
गांव में काम कैसे मिलेगा?
गांव में कौनसे काम कराए जाएंगे, इस का फैसला स्थानीय जरूरतों के आधार पर होगा. ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी और ग्राम सभा की मंजूरी ली जाएगी, इसलिए किसानों और ग्रामीणों को ग्राम सभा की बैठकों में अपनी जरूरत के कामों की मांग रखनी चाहिए.
इन में तालाब की मरम्मत, खेतों तक पानी पहुंचाना, पशु शैड और फसल भंडारण जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं.
हालांकि, किसी काम की मंजूरी योजना के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही होगी.
काम नहीं मिलने पर क्या होगा?
पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल मजदूरी का काम मांग सकते हैं. निर्धारित समय में काम नहीं मिलने पर नियमों के अनुसार बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान है. मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक या डाकघर खाते में किया जाना है. भुगतान में देरी होने पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा मिल सकता है.
ई-केवाईसी सत्यापित पुराने मनरेगा. जौब कार्ड नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे. जिन के पास जौब कार्ड नहीं है, वे पंजीकरण के लिए ग्राम पंचायत से संपर्क कर सकते हैं.
किसानों के लिए जरूरी बात
यह योजना केवल मजदूरी रोजगार तक सीमित नहीं है. इस का उद्देश्य गांवों में पानी, खेती, पशुपालन, भंडारण और दूसरी जरूरी सुविधाओं को मजबूत करना भी है.





