Nana Patekar passes away-
गोवा में हिंदी और मराठी फिल्मों और रंगमंच के अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि हार्ट अटैक की वजह से नाना पाटेकर का सुबह 5:20 (8 अक्तूबर, 2026) बजे निधन हुआ.
मणिपाल अस्पताल के औन्कोलौजी विभाग के प्रमुख डाक्टर शेखर सालकर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद नाना पाटेकर को बचाया नहीं जा सका. एक मैडिको लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा.’
किसानों के हमदर्द बने नाना
नाना पाटेकर को साल 2013 में भारत सरकार ने ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया था. वे सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे. साल 2015 में उन्होंने मकरंद अनासपुरे के साथ ‘नाम’ फाउंडेशन की स्थापना की थी. यह संस्था किसानों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सहायता कार्य करती है.
नाना पाटेकर की यह पहल केवल एक संस्था के रूप में नहीं, बल्कि किसानों की पीड़ा और ग्रामीण संकट के खिलाफ एक सामाजिक आंदोलन के रूप में शुरू हुई. फाउंडेशन का उद्देश्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाना, किसानों को जागरूक करना और ग्रामीण विकास को नई दिशा देना था.
‘नाम’ फाउंडेशन
नाम फाउंडेशन का मुख्य फोकस किसान आत्महत्या, जल संकट और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार गिरते जीवन स्तर जैसी समस्याओं पर रहा. नाना पाटेकर ने आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई. इतना ही नहीं, उन्होंने ऐसे परिवारों के बच्चों की स्कूल और कालेज की फीस तक भरने की जिम्मेदारी उठाई.
जल संरक्षण पर दिया जोर
इस फाउंडेशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, भूजल संरक्षण, पुराने नहर तंत्र को पुनर्जीवित करने और अधूरी जल परियोजनाओं को पूरा करने पर काम किया.
कौन थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उन का 1 जनवरी, 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा इलाके में जन्म हुआ था. उन्होंने मुंबई के सर जेजे इंस्टीट्यूट औफ एप्लाइड आर्ट से शिक्षा प्राप्त की थी. उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अभिनेता, लेखक और निर्देशक के रूप में पहचान बनाई थी और साल 1978 में एऐ हिंदी फिल्म ‘गमन’ से हिंदी फिल्मों में डैब्यू किया था. उन्हें ‘अंकुश’, ‘सलाम बौम्बे’, ‘प्रतिघात’, ‘परिंदा’, ‘वैलकम’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’ जैसी और भी उम्दा फिल्मों से अलग पहचान मिली थी.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जलयुक्त शिवार अभियान को समर्थन दिया और मकरंद अनासपुरे के साथ मिल कर ‘नाम’ फाउंडेशन के जरीए गांव – गांव में काम किया. Nana Patekar passes away





