अविकानगर में महिला किसान दिवस (National Women Farmers’ Day ) पर बड़ा आयोजन, 100 से ज्यादा महिलाओं ने सीखा वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करना.

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में 15 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर एक दिन की महिला पशुपालक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने की.

इस कार्यशाला में मालपुरा तहसील की 100 से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों ने भाग लिया. महिलाओं ने बताया कि संस्थान से जुड़ने के बाद उनकी खेती और पशुपालन से कमाई कैसे बढ़ी है. उन्होंने कहा कि वे अब दूसरी महिलाओं को भी यही काम सिखा रही हैं.

महिला पशुपालन बना कमाई का जरिया

कार्यशाला में बताया गया कि गांवों में पशुपालन का ज्यादातर काम महिलाएं ही करती हैं. चारा लाना, दूध निकालना, भेड़-बकरियों की देखभाल और बच्चों की तरह मेमनों को पालना, ये सब महिलाएं ही करती हैं.

संस्थान के वैज्ञानिकों ने महिलाओं को कम खर्च में ज्यादा मुनाफा कमाने के तरीके बताए. इसमें भेड़-बकरी और खरगोश पालन, बीमारियों से बचाव, एक साथ ज्यादा मेमने पैदा करने की तकनीक और ऊन की गुणवत्ता बढ़ाने के तरीके शामिल थे.
कई महिलाओं ने कहा कि अब पशुपालन उनके लिए घर का काम नहीं, बल्कि एक अच्छा बिजनेस बन गया है.

निदेशक ने क्या कहा ?

निदेशक डॉ. तोमर ने कहा कि खेती और पशुपालन में महिलाओं की भूमिका सबसे बड़ी है. उन्होंने कहा कि आज के समय में खेती के साथ नई तकनीक सीखना बहुत जरूरी है.

उन्होंने महिलाओं से कहा कि संस्थान से मिले बीज, भेड़-बकरी, खरगोश और ट्रेनिंग का सही इस्तेमाल करके वे अपना खुद का रोजगार शुरू करें.

मिल सम्मान और उपहार

कार्यक्रम में खेती, पशुपालन और सिलाई में अच्छा काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया. सवालजवाब प्रतियोगिता जीतने वाली महिलाओं को भी इनाम दिया गया. इस दौरान महिलाओं की सफलता की कहानियों और पशुपालन की नई तकनीकों पर किताबों का विमोचन भी किया गया.

आखिर में सभी महिलाओं को मिनरल मिक्सचर ईंट और सब्जियों के बीज की किट दी गई.

इस कार्यक्रम में डॉ. मेघा पांडे, डॉ. राजेश बिश्नोई, डॉ. गरिमा चौधरी, डॉ. सरिता चौधरी, डॉ. सरोबाना सरकार, श्रीमती रितेश चौधरी, नेहरूलाल मीना और डॉ. अमर सिंह मीना ने सहयोग किया.

यह कार्यक्रम (National Women Farmers’ Day) इसलिए भी खास है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने साल 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष घोषित किया है. इसका मकसद महिलाओं को आगे बढ़ाकर गांव और समाज का विकास करना है.

अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें...