Success Story-

हुनर और मेहनत के दम पर गांव के युवा भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं. हरियाणा के हिसार जिले के खेड़ी बर्की गांव निवासी नरेश कुमार ने पारंपरिक खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण को कारोबार का रूप दे कर इस की मिसाल पेश की है. उन के हाथों से तैयार औषधीय अचार और मुरब्बे लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. वे 17 किस्म के अचार और मुरब्बों की प्रदर्शनी के जरीए अपनी खास पहचान बना रहे हैं. कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण के क्षेत्र में उन के योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2025 में फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.

200 तरह के उत्पाद कर रहे तैयार

नरेश कुमार ने आचार्य सायना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान से प्रशिक्षण ले कर इस लघु उद्योग की शुरुआत की. शुरुआत में उन्होंने सीमित उत्पादों के साथ काम शुरू किया, लेकिन मेहनत और नए प्रयोगों के दम पर आज वह करीब 200 तरह के उत्पाद तैयार कर रहे हैं. इन में अचार और मुरब्बों के अलावा पारंपरिक खाद्य सामग्री से बने कई खास उत्पाद शामिल हैं.

प्राकृतिक सामग्री से तैयार करते हैं उत्पाद

नरेश कुमार के उत्पादों की खासीयत इनमें इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक सामग्री है. वह आंवला, कच्ची हलदी, एलोवेरा, बांस और करेला जैसी चीजों से अचार और मुरब्बे तैयार करते हैं.
इन का स्वाद और बनाने का पारंपरिक तरीका ग्राहकों को आकर्षित करता है.

क्या कहते हैं नरेश कुमार

उन के अनुसार, आंवले का अचार और मुरब्बा पारंपरिक रूप से त्वचा, बालों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है. वहीं कच्ची हलदी में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्वों के कारण इस का इस्तेमाल खानपान में किया जाता है. हलदी का अचार भी उनके खास उत्पादों में शामिल है.

एलोवेरा और बांस के उत्पाद भी खास
नरेश एलोवेरा का अचार भी तैयार करते हैं. इस के अलावा बांस के अचार और मुरब्बे भी उन की प्रदर्शनी का आकर्षण हैं. करेले सहित अन्य पारंपरिक सामग्री से बने उत्पाद भी उनके संग्रह में शामिल हैं. अलगअलग स्वाद और किस्मों के कारण प्रदर्शनी में आने वाले लोग इन उत्पादों के बारे में जानकारी लेने में रुचि दिखाते हैं.

प्रसंस्करण के हुनर को मिला सम्मान

नरेश कुमार का काम केवल अचार और मुरब्बे बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर उन्हें बाजार में बिकने योग्य उत्पादों में बदल रहे हैं. इसी क्षेत्र में उन के प्रयासों को पहचान देते हुए फार्म एन फूड की ओर से वर्ष 2025 में उन्हें कृषि सम्मान अवार्ड प्रदान किया गया. यह सम्मान कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण के क्षेत्र में उन के काम और उद्यमशीलता का प्रमाण है.

किसानों और युवाओं के लिए बने प्रेरणा

नरेश कुमार की पहल बताती है कि खेती में पैदा होने वाली उपज का प्रसंस्करण कर के उस की उपयोगिता और बाजार मूल्य बढ़ाया जा सकता है. आंवला, हलदी, करेला और दूसरी स्थानीय उपज से अचार, मुरब्बे तथा अन्य खाद्य उत्पाद तैयार कर किसान परिवार अतिरिक्त आमदनी का रास्ता खोल सकते हैं. इस के लिए प्रशिक्षण, उत्पादों की गुणवत्ता, साफसफाई, बेहतर पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच जरूरी है.

नरेश कुमार का सफर ग्रामीण युवाओं के लिए संदेश है कि खेती से जुड़ी उपज का सही इस्तेमाल और प्रसंस्करण स्वरोजगार का मजबूत जरीया बन सकता है.

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