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महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों के लिए राहत की खबर है. राज्य सरकार ने करीब 1.5 करोड़ किसानों को 5,000-5,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले पर मुहर लगाई है.

दीवाली से पहले मिलेगी राशि

सरकार ने इस सहायता के लिए 7,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. यह राशि दीवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में भेजने का लक्ष्य रखा गया है.

सरकार की यह मदद उन किसानों के लिए है, जिन की फसल सूखे और कम बारिश के कारण प्रभावित हुई है. खास बात यह है कि यह सहायता सभी किसानों को नहीं मिलेगी. इस के लिए फसल में 33 फीसदी से अधिक नुकसान की शर्त रखी गई है.

304 तालुकों के किसानों को मिलेगी राहत

महाराष्ट्र में इस साल मानसून की कमजोर बारिश के कारण खेती पर प्रतिकूल असर पड़ा है. राज्य की 358 तालुकों में से 304 को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है. इन क्षेत्रों में फसल उत्पादन, सिंचाई और किसानों की आमदनी पर असर पड़ा है.

इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. इस के तहत पात्र किसानों को 5,000 रुपए अग्रिम राहत के रूप में दिए जाएंगे.

सरकार का मानना है कि इस से किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों के कुछ जरूरी खर्च पूरे करने में मदद मिलेगी.

किसे मिलेंगे 5,000 रुपए?

सरकारी फैसले के मुताबिक, सूखा प्रभावित घोषित 304 तालुकों में रहने वाले ऐसे किसान इस सहायता के पात्र होंगे, जिन की फसल को 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है. फसल नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन की ओर से सर्वे और जमीन के रकबे के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है,
इसलिए केवल सूखा प्रभावित तालुका में रहने से किसान को सहायता मिलने की पात्रता अपने आप तय नहीं होगी. फसल नुकसान की निर्धारित शर्त पूरी करना जरूरी होगा.

किसानों को राहत

सीधे बैंक खाते में आएगी रकम
सरकार इस सहायता राशि को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजेगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भुगतान जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही बैंकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि राहत राशि से पुराने कर्ज या बकाया की वसूली के नाम पर कोई कटौती न की जाए.

सरकार ने ईकेवाईसी को ले कर भी राहत दी है. जिन किसानों ने 1 नवंबर 2025 से अब तक विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ईकेवाईसी पूरी कर ली है, उन्हें इस सहायता के लिए दोबारा ईकेवाईसी कराने की जरूरत नहीं होगी.

वन भूमि के पट्टाधारक किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. जिन किसानों के पास अभी एग्रीस्टैक किसान पहचानपत्र नहीं है, उन्हें ईकेवाईसी के आधार पर सहायता देने का प्रावधान किया गया है.

सरकार पर पड़ेगा 7,500 करोड़ रुपये का बोझ

इस सहायता योजना के तहत करीब 1.5 करोड़ किसानों को 5,000-5,000 रुपए देने का लक्ष्य है. इस हिसाब से सरकार को कुल 7,500 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे. यह राशि सूखा राहत पैकेज का अग्रिम हिस्सा है. फसल नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद सरकार की ओर से आगे की राहत सहायता पर भी फैसला लिया जा सकता है.

किसानों को इन बातों का रखना होगा ध्यान

महाराष्ट्र के किसानों को अपने बैंक खाते की जानकारी और ईकेवाईसी की स्थिति जांच लेनी चाहिए. साथ ही, फसल नुकसान के सर्वे में अपने खेत और फसल से संबंधित सही जानकारी दर्ज कराना जरूरी है.

किसान यहां करें संपर्क

किसान भुगतान की स्थिति और पात्रता की जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि विभाग, तहसील कार्यालय और जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं. यह सहायता पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं, बल्कि सूखे से प्रभावित किसानों के लिए अलग से घोषित अग्रिम राहत राशि है. Diwali 2026

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