Animal Insurance. आज भी ज्यादातर पशुपालक अपने पशुओं का बीमा कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं. इस से पशुओं के बीमार पड़ने, बाढ़ में बहने  या उन के मरने पर पशुपालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. महंगे और दुधारू पशुओं का बीमा करा कर पशुपालक बड़े नुकसान की भरपाई आसानी से कर सकते हैं. किसानों और पशुपालकों को राहत देने के लिए साल 1973 में पशुबीमा योजना की शुरुआत की गई थी, पर इस के सालों बाद भी पशुपालक पशुबीमा के फायदों को नहीं समझ सके हैं.

बीमा कराने से पहले यह जानना जरूरी है कि किनकिन पशुओं का बीमा कराया जा सकता है और उस के लिए कितनी रकम प्रीमियम के रूप में देनी होगी. देशी और संकर नस्ल की दुधारू गाय या भैंस, बछड़ा या बछिया, प्रजनन क्षमता वाले सांड़ व बैलों का बीमा कराया जा सकता है.

इस के बाद बीमा कराने से पहले पशुपालकों को यह समझ लेना चाहिए कि किस पशु का बीमा कराने पर कितनी रकम प्रीमियम के तौर पर जमा करनी होगी.

इन सब के बाद यह समझना जरूरी है कि किस हालत में बीमा का फायदा मिलेगा और कब नहीं मिलेगा? बाढ़, आंधी, तूफान, सूखा, अकाल या किसी बीमारी से पशु की मौत होने पर पशुपालकों को बीमा का फायदा मिलता है. बीमा कराने के 15 दिनों के भीतर पशु की मौत होने पर बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई नहीं करती है. अगर यह साबित हो जाए कि पशु को जानबूझ का मार दिया गया है या देखभाल में ढिलाई की गई है या उसे चोरीछिपे बेच दिया गया है, तो बीमा का फायदा नहीं मिलता है.

बीमा कराए गए पशु के कान में पीतल का नंबर दिया हुआ बटननुमा टैग लगा दिया जाता है. टैग के गिरने पर तुरंत बीमा कंपनी को जानकारी देना जरूरी है. पशु के मरने या बीमार पड़ने पर नुकसान की भरपाई का लाभ लेने के लिए बीमा कंपनी द्वारा तय वेटनरी डाक्टर से सार्टीफिकेट ले लेना चाहिए.

पशुबीमा के बाद इन बातों पर ध्यान दें

* बीमा का फायदा लेने के लिए फार्म को सही और पूरा भरें. * सड़क दुर्घटना में पशु की मौत हो, तो तुरंत थाने में रिपोर्ट लिखवाएं और बीमा कंपनी को सूचित करें. * पशु के कान में लगे टैग को हमेशा चेक करते रहें. टैग का नंबर किसी डयरी या कापी में नोट कर के रखें और इस के खोने पर बीमा कंपनी को बताएं. * अगर पशु सुस्त पड़ जाए या खाना छोड़ दे या किसी बीमारी का लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत बीमा कंपनी को खबर करें. * पशु को बेचने या उस के स्थान बदलने की जानकारी बीमा कंपनी को दें. *  पशुओं को सभी जरूरी टीके समय पर लगवाएं.

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