खेती के साथसाथ पशुपालन किसानों की आमदनी बढ़ाने का अच्छा जरीया बन सकता है खासकर बकरीपालन (Goat Farming) कम जगह में शुरू किया जा सकता है और इस से मांस, दूध तथा बकरी के बच्चों की बिक्री से आमदनी प्राप्त की जा सकती है.
इसी को देखते हुए बिहार सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत बकरी फार्म स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता देती है.
योजना में किस को कितना लाभ
अगर आप बकरीपालन शुरू कर के गांव में रोजगार खड़ा करना चाहते हैं तो बिहार सरकार की योजना आप के काम आ सकती है. इस योजना में अनुदान की दर श्रेणी के अनुसार अलगअलग है.
-सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को पात्र इकाई की लागत पर 50 फीसदी तक है.
-अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 60 फीसदी तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है.
क्या है योजना
बिहार में इस योजना के तहत अलगअलग क्षमता के बकरी फार्म स्थापित किए जाते हैं. पहले 20 बकरी+1 बकरा तथा 40 बकरी+2 बकरा जैसी छोटी और मध्यम इकाइयों पर भी अनुदान दिया जाता है. वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभागीय रिकौर्ड में 100 बकरी+5 बकरा और 500 बकरी+25 बकरा क्षमता के फार्म के लिए भी अनुदान का प्रावधान है, इसलिए इच्छुक व्यक्ति को आवेदन करने से पहले अपने जिले में उस समय उपलब्ध इकाई, लागत, लक्ष्य और अनुदान की राशि की जानकारी पशुपालन विभाग से जरूर लेनी चाहिए.
जमीन की भी होगी जरूरत
बकरी फार्म स्थापित करने के लिए उपयुक्त जमीन का होना जरूरी है, जहां पर आप बकरीपालन का काम शुरू कर सकते हैं. कई जिलों में अपनी जमीन के साथ लीज पर ली गई जमीन पर भी फार्म स्थापित करने की अनुमति दी गई है. उदाहरण के तौर पर पहले जारी योजना में 20 बकरी+1 बकरा इकाई के लिए करीब 1,800 वर्गफुट और 40 बकरी+2 बकरा इकाई के लिए करीब 3,600 वर्गफुट जमीन का प्रावधान बताया गया था. बड़े फार्म के लिए जमीन की जरूरत भी अधिक होती है.
आवेदन कैसे करें
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग या पशुपालन विभाग की ओर से जारी आवेदन सूचना का पालन करना होता है. आवेदन की प्रक्रिया, तारीख, जिलेवार लक्ष्य और उपलब्ध इकाइयां समयसमय पर जारी की जाती हैं.
आवेदन के लिए सामान्यतौर पर आधारकार्ड, बैंक खाते की जानकारी, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र (जहां लागू हो), जमीन से संबंधित कागजात या लीज एग्रीमैंट जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है.
प्रशिक्षण से मिलेगा फायदा
बकरीपालन शुरू करने से पहले पशुपालन विभाग या किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण लेना फायदेमंद रहेगा. इस से बकरियों की नस्ल का चुनाव, शैड निर्माण, आहार, टीकाकरण, बीमारी से बचाव और प्रजनन प्रबंधन की जानकारी मिलती है.
प्रशिक्षण से पशुपालक अनुदान का लाभ लेने के साथ फार्म को बेहतर तरीके से चला भी सकता है. योजना की अधिक और सही जानकारी के लिए जिला पशुपालन कार्यालय या बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी ले सकते हैं. Goat Farming





