आज किसान यदि कुछ बातों का ध्यान रखें तो घर के कचरे से भी कंपोस्ट खाद बना सकते हैं. इससे किसानों का रासायनिक खाद पर होने वाला खर्च कम होता है और साथ ही फसल की पैदावार भी बढ़ती है.

कंपोस्ट खाद क्या है

घर-आंगन का कूड़ा-कचरा, जानवरों का बचा हुआ चारा, भूसा, घास, सब्जियों के छिलके, गोभी के डंठल और पत्तियां जैसे वे जैविक पदार्थ जो गल-सड़ सकते हैं, उन्हें सड़ा कर जो खाद तैयार होती है, वही कंपोस्ट खाद, Compost Fertilizer कहलाती है.

यह सभी किसान जानते हैं कि बचा हुआ चारा और पत्तियां सीधे खेत में खाद के रूप में नहीं डाली जा सकतीं. जब तक ये चीजें सड़कर खाद नहीं बन जातीं, तब तक पौधे इनसे पोषक तत्व नहीं ले पाते. Compost Fertilizer साथ ही यदि इन्हें खेत में ही सड़ाया जाए, तो सड़ाने वाले बैक्टीरिया मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन का उपयोग कर लेते हैं, जिससे भूमि में नाइट्रोजन की कमी हो जाती है और पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ता है.

घरेलू कंपोस्ट खाद तैयार करने के तरीके

घरेलू कंपोस्ट खाद दो तरीकों से तैयार की जाती है—

1. हवादार तरीका – खाद को ढेर के रूप में तैयार किया जाता है.

2. बिना हवादार तरीका – खाद गड्ढों में तैयार की जाती है.

गड्ढों में तैयार की गई कंपोस्ट खाद अधिक अच्छी गुणवत्ता की होती है, क्योंकि इसमें सामग्री पूरी तरह सड़ जाती है और इससे फसल की पैदावार बेहतर होती है.

गड्ढों में कंपोस्ट खाद कैसे तैयार करें

1. जगह का चुनाव

कंपोस्ट बनाने के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां गड्ढा आसानी से खोदा जा सके और मिट्टी ज्यादा पथरीली न हो. जगह थोड़ी ऊंची होनी चाहिए ताकि बारिश का पानी गड्ढे में न भर पाए.
यह गड्ढा पशुशाला के पास, घर के पिछवाड़े या खेत के किनारे बनाया जा सकता है. गड्ढा जितना खुली जगह में होगा, उतनी ही अच्छी गुणवत्ता की कंपोस्ट खाद तैयार होगी.

2. गड्ढे की खुदाई

यदि गड्ढे की लंबाई, चौड़ाई और गहराई सही नहीं रखी जाए, तो खाद अच्छी तरह नहीं सड़ पाती.
• गड्ढे की गहराई: 1 मीटर से अधिक नहीं
• गड्ढे की चौड़ाई: 2 मीटर से अधिक नहीं
अधिक गहराई होने पर बैक्टीरिया खाद को सड़ाने का काम ठीक से नहीं कर पाते.
पशुओं की संख्या के अनुसार गड्ढे का आकार
• 4–5 पशु: 5 × 2 × 1 मीटर
• 8–10 पशु: 7 × 2 × 1 मीटर
• 15–20 पशु: 8 × 2 × 1 मीटर
पशुओं की संख्या बढ़ने पर गड्ढे की लंबाई बढ़ाई जा सकती है, लेकिन गहराई और चौड़ाई समान रखें.

3. गड्ढा भरने की विधि

सबसे पहले गड्ढे में 7–10 सेंटीमीटर मोटी परत में कूड़ा-करकट और पशुओं के मल-मूत्र से मिला बिछावन डालें. इसके ऊपर 4–5 सेंटीमीटर मोटी गोबर की परत लगाएं. साथ में पशुओं का पेशाब डालें, जिससे नमी बनी रहे. यदि गोबर गैस प्लांट से निकला गोबर उपलब्ध हो, तो वह बहुत अच्छा होता है क्योंकि उसमें पहले से पानी मिला होता है. इसी तरह परत दर परत सामग्री डालते रहें, जब तक गड्ढा जमीन की सतह से 20–25 सेंटीमीटर ऊपर तक न भर जाए.

इसके बाद गोबर और मिट्टी के मिश्रण से लगभग 5 सेंटीमीटर मोटी लिपाई कर गड्ढे को अच्छी तरह बंद कर दें. इस विधि से कंपोस्ट खाद 4–5 महीने में पूरी तरह तैयार हो जाती है.

ध्यान देने योग्य बातें

• गड्ढे पर तेज धूप नहीं पड़नी चाहिए. इसके लिए गड्ढे के ऊपर छाया करें या पेड़ के नीचे गड्ढा खोदें, ताकि गोबर में मौजूद पोषक तत्व नष्ट न हों.
• कंपोस्ट गड्ढे में नमी पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए, जिससे सड़ने की प्रक्रिया सही ढंग से हो सके.
• गड्ढा भरने के बाद उसे अच्छी तरह बंद कर दें, ताकि सामग्री आसानी से सड़ सके और खाद के सभी गुण सुरक्षित रहें.

इस प्रकार घर के कचरे, गोबर और खेत के जैविक अवशेषों से कंपोस्ट खाद बनाकर किसान न केवल रासायनिक खाद पर होने वाला खर्च बचा सकते हैं, बल्कि फसल की उपज बढ़ाकर अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं.

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