भाकृअनुप –भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में 25 जनवरी, 2026 को किसान मेले का आयोजन किया गया. किसान मेले में आयोजित प्रदर्शनी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विभिन्न संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ-साथ सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं ने सहभागिता की. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह, कुलपति, राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या (उत्तर प्रदेश) रहे. Banaras Farmer Fair
सबसे बड़ी मांग किसानों की आमदनी को बढ़ाना
सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे शोध एवं नवाचार कार्यों की सराहना करते हुए डॉ. बिजेंद्र सिंह, कुलपति ने कहा कि कृषि के समग्र विकास में सब्जी उत्पादन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. यदि संस्थान संबंधित विभाग समन्वय के साथ जिले के कुछ गांवों को गोद लें तो उन्हें सब्जी उत्पादन में आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादन एवं किसानों के आर्थिक दशा में विकास के लिए मंडी एवं विपणन व्यवस्था का सुदृढ़ होना आवश्यक है. आज समय की सबसे बड़ी मांग किसानों की आमदनी को बढ़ाना है. Banaras Farmer Fair
खेती के तरीके में बदलाव जरूरी
आज खेती के तरीके में बदलाव जरूरी है. जल, जमीन एवं जलवायु की शुद्धता बनाए रखने की आवश्कता है ताकि आने वाली अगली पीढ़ी को सुरक्षित कृषि सौंपी जा सके. गिरते जलस्तर, कम पानी से अधिक उत्पादन, पॉलीहाउस एवं लो टनल आदि को अपनाने से खेती कहीं अधिक लाभकारी होगी. किसानों से नई तकनीकों को अपनाने तथा जैविक कृषि की ओर भी कदम बढ़ाने होंगे.
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधाकर पांडेय, सहायक महानिदेशक (मसाले, औषधीय एवं सब्जी फसलें), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने कहा :
-मैदानी क्षेत्रों में मसाला, औषधीय एवं सब्जी फसलों की व्यापक संभावनाएं हैं.
-वैज्ञानिक तकनीकों, गुणवत्तायुक्त बीजों एवं मूल्य संवर्धन से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज सब्जी की उपलब्धता 9 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह हो गई है जबकि धान्य वाली फसलों की उपलब्धता 11 किलो से घटकर 9 किलो प्रति माह हो गई है.
डॉ. ए. बी. राय, पूर्व विभागाध्यक्ष, सब्जी फसल सुरक्षा ने कहा :
-कृषि को लाभकारी बनाने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका महत्वपूर्ण है.
-नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाकर युवा कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाश सकते हैं.
इसके अलावा उन्होंने बताया कि केवल 10-12 फीसदी की कीट एवं व्याधियां ही फसलों के लिए नुकसानदायक होती हैं जबकि 90 फीसदी से अधिक लाभकारी होते हैं.
डॉ. यू.पी. सिंह, निदेशक, कृषि विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी ने कहा :
-फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता.
इसके अलावा डॉ. आलोक श्रीवास्तव, निदेशक, राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ ने कहा कि कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीवों का संरक्षण, जैव-उर्वरक व जैव-नियंत्रक, मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं पौध पोषण में सूक्ष्मजीवों की भूमिका, जैव विविधता, माइक्रोबियल टैक्सोनॉमी एवं जैव-अनुसंधान, सतत एवं जैविक खेती को बढ़ावा एवं क्वालिटी कंट्रोल, ट्रेनिंग पर ध्यान देना जरूरी है.
संस्थान की एक बड़ी उपलब्धि, हरी मिर्च पाउडर को पेटेंट
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए गए अनुसंधान कार्यों, विकसित तकनीकों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा विकसित हरी मिर्च पाउडर को पेटेंट प्राप्त हो चुका है, जो संस्थान की एक बड़ी उपलब्धि है.
उन्नत कृषि तकनीकों का प्रदर्शन
प्रदर्शनी में उन्नत कृषि तकनीकों, बीजों, कृषि यंत्रों एवं प्रसंस्करण से संबंधित जानकारियां प्रदर्शित की गईं. मेले के दौरान आयोजित किसान गोष्ठी में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड के विभिन्न जनपदों से आए 2,000 से अधिक किसानों ने भाग लिया और 30 से अधिक स्टॉल भी लगाए गए. Banaras Farmer Fair
गोष्ठी में सब्जी उतपादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं कृषि से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई तथा किसानों की समस्याओं का समाधान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किया गया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की उपस्थिति में पूर्वांचल के 19 एफपीओ के साथ संस्थान की तकनीकी हस्तांतरण का अनुबंध किया गया.
किसानों को मिला सम्मान
कृषि जगत में विशेषकर सब्जी उत्पादन में बढ़िया खेती कर रहे किसानों अंजू चतुर्वेदी, अवनीश पटेल, राम बुझारत सिंह और रिशम पटेल को पुरस्कृत किया गया. एकीकृत बागबानी विकास मिशन परियोजना अंतर्गत एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने हेतु किसान रामरतन सिंह, अरुण सिंह, पप्पू गुप्ता, सर्वजीत सिंह और केदार यादव को इनपुट व तकनीकी सहायता प्रदान की गई. इसके अलावा प्रदर्शनी में शामिल केवीके वाराणसी, जौनपुर आदि को सम्मानित किया गया. Banaras Farmer Fair





