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सिंचाई के पानी को लेकर किसानों की चिंता एक बार फिर सामने आई है. राज्य की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं कालेश्वरम और पलामुरु-रंगारेड्डी को लेकर किसानों के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है. इसी मुद्दे को लेकर BRS प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने आंदोलन का ऐलान किया है.

किसानों को सिंचाई का पानी दिलाने पर जोर

सिद्धिपेट जिले के एर्रावेली स्थित फार्महाउस में BRS विधायक दल की बैठक में सिंचाई परियोजनाओं और किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद KCR ने कहा कि तेलंगाना आंदोलन का एक प्रमुख उद्देश्य लोगों को सिंचाई और पीने का पानी उपलब्ध कराना था.

KCR ने कहा कि वह जल्द ही किसानों के साथ पदयात्रा करेंगे और कालेश्वरम तथा पलामुरु-रंगारेड्डी परियोजनाओं का दौरा करेंगे. उन्होंने एक लाख किसानों के साथ इन परियोजनाओं तक पहुंचने की बात कही.

कालेश्वरम से किसानों को पानी मिलने की उम्मीद

KCR ने दावा किया कि यदि मेडिगड्डा में जरूरी मरम्मत के बाद कालेश्वरम परियोजना को दोबारा शुरू किया जाता है, तो करीब 13 जिलों के किसानों को फायदा मिल सकता है.

किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाओं का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि समय पर पानी मिलने से फसल की बुवाई, फसल की वृद्धि और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. खासकर बारिश पर निर्भर क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा किसानों के लिए बड़ा सहारा बन सकती है.

पलामुरु-रंगारेड्डी परियोजना से 60 TMC पानी मिलने का दावा

BRS के डिप्टी फ्लोर लीडर टी. हरीश राव ने कहा कि पलामुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट इरिगेशन स्कीम का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है. उनके मुताबिक, बचा हुआ काम पूरा होने पर करीब 60 TMC पानी उपलब्ध हो सकता है.

इस परियोजना को लेकर मुख्य सवाल अब यही है कि बाकी काम कब पूरा होगा और इससे जुड़े किसानों को सिंचाई का पानी कब उपलब्ध कराया जाएगा.

किसानों के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा?

तेलंगाना के किसानों के लिए सिंचाई का पानी केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि खेती की लागत और आमदनी से जुड़ा विषय है. पर्याप्त पानी मिलने पर किसान समय पर फसल लगा सकते हैं और बारिश पर निर्भरता कम कर सकते हैं.

सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से धान, कपास, मक्का, दालों और अन्य फसलों के साथ-साथ बागवानी फसलों की खेती को भी फायदा मिल सकता है. वहीं, परियोजनाओं में देरी का असर किसानों की खेती की योजना और उत्पादन पर पड़ सकता है.

KTR ने भी दी पदयात्रा की चेतावनी

इससे पहले BRS कार्यकारी अध्यक्ष KTR ने भी 14 सितंबर तक नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल में पानी छोड़ने का शेड्यूल जारी करने की डेडलाइन दी थी. KTR ने कहा था कि अगर 14 सितंबर तक शेड्यूल जारी नहीं हुआ तो वह हजारों किसानों के साथ कोदाड से हालिया तक पदयात्रा करेंगे. उन्होंने कहा कि नागार्जुन सागर जलाशय में करीब 180 TMC पानी उपलब्ध होने के बावजूद लेफ्ट कैनाल के किसानों को पानी नहीं मिल रहा है. Politics Over Water

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