बस्ती जिले के बहादुरपुर ब्लाक के भेलवल गांव निवासी किसान अरविंद कुमार सिंह (Farmer Arvind Singh) गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए पारंपरिक ट्रेंच विधि से आगे बढ़ते हुए पिछले 4 साल से रिंग पिट विधि से खेती कर रहे हैं. इससे गन्ने के उत्पादन में तीन गुना तक बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही वह सहफसली खेती भी कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले तक वह सामान्य तरीके से ही गन्ना बोते थे. उसके बाद ट्रेंच विधि को अपनाया. इससे उत्पादन में काफी इजाफा हुआ. ट्रेंच विधि के साथ-साथ उन्होंने सहफसली खेती भी की. अब वह रिंग पिट विधि को अपना रहे हैं. वह अगस्त से नवंबर तक शरदकालीन गन्ना बोते हैं. इस विधि में गन्ने की बड ज्यादा बोई जाती है.

भेलवल गांव की ग्राम प्रधान सुमन लता सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत के किसान अरविंद कुमार सिंह ने पिछले कुछ सालों से ट्रायल के तौर पर अपनी जमीन में रिंग पिट विधि से गन्ना बोना शुरू किया था. वह अब गन्ने के साथ खेत में सब्जी भी बो रहे हैं.

क्या होती है रिंग पिट विधि.

किसान अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि रिंग पिट विधि में दो फीट गोलाई के गोले बनाए जाते हैं. गोलों की गहराई एक फीट रहती है. इन गोलों को एक नाली से जोड़ा जाता है. नाली गोलों से दस सेंटीमीटर ऊपर रहती है. गोले में सिंगल बड वाला गन्ना गोलाई में व लंबाई में बोया जाता है. एक गोले में नौ आंख तक आ जाती हैं. इसके ऊपर चार से पांच इंच मिट्टी रखी जाती है.

रिंग पिट नवीनतम विधि.

किसान अरविंद सिंह ने बताया कि मेरी खेती को देख कर इस बार कई किसान गन्ना बोने में रिंग पिट विधि का प्रयोग करने वाले हैं. यह गन्ना बोने की नवीनतम विधि है. इससे पैदावार अच्छी निकलती है. चीनी मिल के द्वारा भी किसानों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है.

गुजरात के मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी से मिल चुका है 51 हजार का पुरस्कार.

किसान अरविंद कुमार सिंह खेती में नए प्रयोगों के लिए अपनी पहचान रखते हैं. उन्हें साल 2013 में नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए उनके हाथों 51 हजार रुपये का नकद पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किया जा चुका है. इसके अलावा उन्हें ब्लाक, जिला, मंडल, जोनल, राज्य व राष्ट्रीय लेवल पर भी खेती की उपलब्धियों के लिए कई दर्जन पुरस्कार मिल चुके हैं. वह प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक के तौर पर भी सैकड़ों महिलाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ चुके हैं.

जिले में 100 प्रतिशत कृषि यंत्रों का उपयोग करने वाले एकमात्र किसान.

अरविंद कुमार सिंह जिले के एकमात्र किसान हैं जो खेती में 100 प्रतिशत आधुनिक यंत्रों का उपयोग करते हैं. चाहे वह मैनुअल हो या मशीनीकृत. वह नर्सरी तैयार करने से लेकर निराई गुड़ाई, बुआई, मेड बांधने, हार्वेस्टिंग और भंडारण तक में मशीनों का उपयोग करते हैं. उनके पास ट्रैक्टर, रोटावेटर, सोलर पंप, बिजली पंप, डीजल पंपसेट, स्प्रिंकलर, रेन गन, जीरो टिल सीड ड्रिल, सुपर सीडर, कल्टीवेटर, ड्रिप इरिगेशन, लेजर लैंड लेवलर, पैडी स्ट्रा चोपर, पावर टिलर, हैंड हो, फावड़ा, कुदाल, मैनुअल वीडर, बैटरी स्प्रे मशीन, आरएमबी प्लाऊ, सीड कम फर्टी ड्रिल, मल्चर, थ्रेसर, ट्रेंच ओपनर और रिंग पिट डिगर जैसी सैकड़ों मशीनें हैं. वह इन यंत्रों से पराली प्रबंधन कर पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा दे रहे हैं. Farmer Arvind Singh

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