बिहार के प्याज किसानों के लिए भंडारण (Cold Storage) की सुविधा बढ़ाने पर सरकार जोर दे रही है. 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे के निर्माण पर अधिकतम 4.50 लाख रुपए तक अनुदान का प्रावधान है. जानिए योजना में कितनी सहायता मिलेगी और आवेदन कैसे किया जा सकता है.
प्याज को सस्ते दाम पर बेचने से मिलेगी राहत
प्याज की कीमतों में उतारचढ़ाव किसानों के लिए बड़ी समस्या है. फसल तैयार होने के समय यदि मंडी में भाव कम हों तो किसान लंबे समय तक प्याज सुरक्षित रखने की सुविधा न होने के कारण कम कीमत पर उपज बेचने को मजबूर हो सकते हैं. भंडारण की सुविधा मिलने से किसान अपनी उपज को कुछ समय सुरक्षित रख कर बाजार की स्थिति के अनुसार बिक्री का फैसला कर सकेंगे.
इसी उद्देश्य से बिहार सरकार प्याज की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए किसानों को सहायता दे रही है. बिहार उद्यान निदेशालय की आधिकारिक योजना में 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे के निर्माण का प्रावधान है.
50 टन क्षमता के गोदाम पर 4.50 लाख रुपये तक अनुदान
योजना के अनुसार प्याज भंडारण संरचना की अधिकतम अनुमोदित लागत 6 लाख रुपए रखी गई है. इस लागत का 75 प्रतिशत यानी अधिकतम 4.50 लाख रुपए तक सहायता अनुदान दिया जाता है. इस हिसाब से अधिकतम लागत वाली इकाई में किसान को शेष 25 प्रतिशत राशि यानी करीब 1.50 लाख रुपए, स्वयं लगानी पड़ सकती है. ध्यान रखें कि 4.50 लाख रुपए।अधिकतम अनुदान है. वास्तविक सहायता अनुमोदित प्राक्कलन और योजना के नियमों के अनुसार तय होगी.
एक किसान परिवार को एक ही भंडारण ढांचे का लाभ
बिहार उद्यान निदेशालय के उपलब्ध योजना दिशानिर्देशों के अनुसार एक कृषक परिवार अधिकतम एक प्याज भंडारण संरचना का लाभ ले सकता है. ढांचे का निर्माण विभाग द्वारा अनुमोदित प्राक्कलन और नक्शे के अनुसार करना होगा.
इस का मतलब यह है कि किसान अपनी तरफ से मनमाने डिजाइन के अनुसार गोदाम बना कर बाद में अनुदान का दावा नहीं कर सकता. निर्माण से पहले योजना की स्वीकृति और विभागीय नियमों को समझना जरूरी है.
2026-27 में भी प्याज भंडारण पर सरकार का जोर
प्याज भंडारण योजना को ले कर ताजा अपडेट भी सामने आया है. बिहार के उद्यान निदेशालय ने 12 अगस्त, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सब्जी और मसाला फसलों के साथ प्याज संग्रहण क्षमता विकसित करने के लिए 2,829.98 लाख रुपए की लागत से योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है.
इस से साफ है कि राज्य में प्याज के उत्पादन के साथसाथ उस की भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी सरकार का जोर है.
गोदाम का निर्माण कैसे होगा
योजना में भंडारण संरचना का निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत मौडल एस्टीमेट और नक्शे के अनुसार किया जाना है. बिहार उद्यान निदेशालय के आवेदन पेज पर संरचना के मौडल एस्टीमेट और नक्शे उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है.
योजना के पुराने विस्तृत दिशानिर्देशों के मुताबिक कार्यादेश मिलने के बाद निर्धारित समय सीमा में निर्माण शुरू करना जरूरी है. 15 दिनों के भीतर काम शुरू नहीं करने पर कार्यादेश रद्द किया जा सकता है. निर्माण की जांच और जियो टैगिंग के बाद अनुदान भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है.
आवेदन कैसे करें
बिहार उद्यान निदेशालय की उपलब्ध औनलाइन आवेदन व्यवस्था में प्याज भंडारण संरचना के लिए आवेदन की सुविधा दी गई है.
बिहार में प्याज किसानों के लिए भंडारण ढांचा तैयार करना कम कीमत के समय तुरंत बिक्री की मजबूरी को कम करने का एक उपयोगी विकल्प हो सकता है. आधिकारिक योजना में 50 मीट्रिक टन क्षमता वाली संरचना पर अधिकतम 6 लाख रुपए की लागत के 75 प्रतिशत, यानी 4.50 लाख रुपए तक अनुदान का प्रावधान है. 2026-27 में भी राज्य सरकार ने प्याज संग्रहण क्षमता विकसित करने के लिए नई वित्तीय स्वीकृति दी है. किसानों को आवेदन से पहले ताजा विभागीय दिशानिर्देश जरूर देखना चाहिए. Cold Storage





