Farm Mechanisation Schemes-
कृषि मशीनों की मदद से खेत की तैयारी और बुवाई जैसे काम आसान हो सकते हैं. लेकिन मशीन खरीदने में लगने वाली रकम कई किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है. इसी वजह से केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों पर आर्थिक सहायता देती हैं.
इन योजनाओं के नियम पूरे देश में एक जैसे नहीं होते. मशीनों की सूची, अनुदान की दर, किसान की पात्रता और आवेदन की तारीख राज्य तथा जिले के हिसाब से अलग हो सकती है. इसलिए किसानों को अपने राज्य की आधिकारिक जानकारी देखकर ही आवेदन करना चाहिए.
यहां अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर कुछ प्रमुख राज्यों की योजनाओं और पोर्टल की जानकारी दी गई है. योजना का मौजूद होना और नए आवेदन खुले होना अलग-अलग बातें हैं.
1. हरियाणा: कृषि यंत्र और फसल अवशेष प्रबंधन
हरियाणा में कृषि यंत्रीकरण के लिए सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) के साथ फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी योजनाएं भी महत्वपूर्ण हैं.
हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, जीरो ड्रिल और सुपर सीडर जैसी मशीनें धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई और फसल अवशेषों के प्रबंधन में मदद कर सकती हैं.
पहले जारी दिशा-निर्देशों में अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत तथा महिला किसानों के लिए 50 प्रतिशत और अन्य किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान रहा है. वास्तविक अनुदान मशीन और योजना की निर्धारित सीमा पर निर्भर करता है.
वित्त वर्ष 2026-27 में फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी कुछ मशीनों के लिए आवेदन प्रक्रिया जून में घोषित की गई थी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह अवधि समाप्त हो चुकी थी. नवंबर 2026 के लिए नई आवेदन अवधि की पुष्टि नहीं हुई है.
आधिकारिक जानकारी:
• हरियाणा कृषि विभाग: https://agriharyana.gov.in/
• हरियाणा DBT पोर्टल: https://www.dbtharyana.gov.in/scheme/schemelist
किसान आवेदन करने से पहले नई तारीख, जिले का लक्ष्य और पात्र मशीनों की सूची जांचें.
2. उत्तर प्रदेश: कृषि यंत्र अनुदान
उत्तर प्रदेश में कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए समय-समय पर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं. राज्य में व्यक्तिगत किसानों के अलावा कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक जैसी व्यवस्थाओं के लिए भी योजनाएं हो सकती हैं.
अक्टूबर 2026 में उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कृषि यंत्रों, ड्रोन और पौध संरक्षण उपकरणों सहित 2,000 से अधिक मशीनों से जुड़ी श्रेणियों के लिए 7 से 20 अक्टूबर तक आवेदन मांगे गए थे.
इसलिए किसान पुरानी तारीख के आधार पर आवेदन करने के बजाय अगली आवेदन अवधि की जानकारी लें. ऑनलाइन पंजीकरण, यंत्र की बुकिंग या टोकन और विभागीय स्वीकृति जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं.
आधिकारिक जानकारी: उत्तर प्रदेश कृषि विभाग — https://agriculture.up.gov.in/
3. बिहार: कृषि यांत्रिकीकरण योजना
बिहार में कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत अधिसूचित कृषि यंत्रों पर सहायता दी जाती है. अनुदान की दर मशीन, किसान की श्रेणी और जिले में उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार अलग हो सकती है.
एक रिपोर्ट के अनुसार, कैमूर जिले में 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे. रिपोर्ट में आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 और जिले के लिए 7.73 करोड़ रुपये के अनुदान लक्ष्य का उल्लेख हैं.
यह जानकारी कैमूर जिले से संबंधित है. इसे पूरे बिहार में सभी किसानों के लिए समान अनुदान दर या आवेदन अवधि नहीं मानना चाहिए. किसान अपने जिले में लागू योजना और समय-सीमा की पुष्टि करें.
आधिकारिक जानकारी: बिहार कृषि विभाग DBT पोर्टल — https://dbtagriculture.bihar.gov.in/
4. पंजाब: कृषि यंत्रीकरण और पराली प्रबंधन
पंजाब में कृषि यंत्रीकरण और धान की पराली के प्रबंधन के लिए Crop Residue Management (CRM) Scheme महत्वपूर्ण है. इसके तहत योजना के नियमों और उपलब्धता के अनुसार पराली प्रबंधन से जुड़ी मशीनों और कस्टम हायरिंग सेंटर जैसी सुविधाओं के लिए सहायता मिल सकती है.
पंजाब के कृषि यंत्रीकरण पोर्टल पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CRM योजना के दिशा-निर्देश 22 जून 2026 को जारी होने का उल्लेख था. हालांकि, उपलब्ध जानकारी से नवंबर 2026 में व्यक्तिगत किसानों के लिए नए आवेदन खुले होने की पुष्टि नहीं हुई. किसान आवेदन करने से पहले मशीनों की सूची, पात्रता, अधिकृत विक्रेता और नवीनतम नोटिस जरूर देखें.
आधिकारिक जानकारी: पंजाब कृषि यंत्रीकरण पोर्टल — https://www.agrimachinerypb.com/
5. राजस्थान: कृषि यंत्र अनुदान योजना
राजस्थान में पात्र किसानों को स्वीकृत कृषि उपकरणों की खरीद पर आर्थिक सहायता मिल सकती है. अनुदान की दर किसान की श्रेणी, मशीन और संबंधित योजना के नियमों पर निर्भर करती है. कुछ योजनाओं में 40 से 50 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान हो सकता है, लेकिन यह हर किसान और हर मशीन के लिए निश्चित दर नहीं है.
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कृषि यंत्र अनुदान संबंधी सामान्य दिशा-निर्देश website पर उपलब्ध थे. आवेदन के दौरान आधार या जनाधार, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक खाते का विवरण और जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर की आरसी मांगी जा सकती है. अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित योजना के निर्देशों से तय होगी.
आधिकारिक जानकारी: राज किसान साथी पोर्टल — https://rajkisan.rajasthan.gov.in/
6. ओडिशा: Farm Mechanisation Scheme
ओडिशा में Farm Mechanisation Scheme के तहत कृषि यंत्रों पर सहायता और आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है. राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर मशीनों की बुकिंग, सब्सिडी भुगतान और आवेदन संबंधी सूचनाएं प्रकाशित की जाती हैं.
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चरणबद्ध बुकिंग से जुड़ी सूचनाएं प्रकाशित होने की जानकारी मिली थी. लेकिन किसान यह जांचें कि उनके जिले और पसंदीदा मशीन के लिए नया बुकिंग स्लॉट उपलब्ध है या नहीं.
आधिकारिक जानकारी: ओडिशा कृषि यंत्रीकरण पोर्टल — https://odishafarmmachinery.nic.in/
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों के किसान क्या करें?
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड और अन्य राज्यों के किसान भी केंद्र सरकार की SMAM योजना तथा अपने राज्य की कृषि यंत्रीकरण योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं. किसी राज्य में योजना उपलब्ध होने का अर्थ यह नहीं कि हर जिले में हर मशीन के लिए आवेदन खुले हैं. किसान को अपने राज्य और जिले के नियमों के अनुसार जानकारी जुटानी चाहिए.
केंद्र सरकार का कृषि यंत्रीकरण पोर्टल: https://agrimachinery.nic.in/. इस पोर्टल पर राज्यवार योजना, मशीनों और आवेदन से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है.
कृषि यंत्र अनुदान के लिए कौन-से दस्तावेज लग सकते हैं?
योजना के अनुसार दस्तावेजों में अंतर हो सकता है, लेकिन आमतौर पर किसान से इनमें से कुछ दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
• आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण
• किसान पंजीकरण और जहां लागू हो, फसल पंजीकरण
• जमीन या खेती से जुड़े दस्तावेज
• जरूरत के अनुसार जाति या अन्य श्रेणी का प्रमाणपत्र
• ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्रों के लिए वैध ट्रैक्टर आरसी, जहां अनिवार्य हो
• मशीन का मॉडल, अधिकृत विक्रेता का विवरण और निर्धारित प्रारूप में कोटेशन, जहां जरूरी हो
किसान को संबंधित योजना के निर्देशों में दी गई अंतिम सूची के अनुसार ही दस्तावेज तैयार करने चाहिए.
आवेदन से पहले इन 5 बातों की जांच करें
• संबंधित मशीन के लिए आवेदन खुले हैं या नहीं.
• किसान और उसकी श्रेणी योजना के लिए पात्र हैं या नहीं.
• अनुदान की दर और अधिकतम सहायता कितनी है.
• मशीन खरीदने से पहले विभागीय स्वीकृति या परमिट लेना जरूरी है या नहीं.
• मशीन अधिकृत विक्रेता से खरीदनी है या नहीं और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया क्या है.
कई योजनाओं में पहले ऑनलाइन आवेदन, फिर चयन या स्वीकृति और उसके बाद मशीन खरीदने की प्रक्रिया होती है. नियम जाने बिना मशीन खरीद लेने पर सब्सिडी मिलने की गारंटी नहीं होती.
कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान किसानों के लिए मशीन खरीदने का खर्च कम करने में मदद कर सकता है. लेकिन हर राज्य की योजना, आवेदन अवधि और पात्रता अलग हो सकती है. इसलिए किसान आधिकारिक पोर्टल या जिला कृषि कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही आवेदन करें.





