Subsidy on Farm Machinery-
खेती के लिए कृषि यंत्र खरीदने की योजना बना रहे बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर है. कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27 के तहत अब सत्यापित आवेदनों की सूची कृषि विभाग के पोर्टल के साथ सरकारी कृषि भवनों, प्रखंड कार्यालयों और पंचायत कृषि भवनों में भी लगाने की व्यवस्था की जा रही है. इस से किसान घर के पास ही अपने आवेदन से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे और उन्हें बारबार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने योजना की समीक्षा बैठक में अनुदान वितरण, आवेदनों की जांच और किसानों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया पर जोर दिया.
पंचायत भवन में देखें अपना नाम
कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत आवेदन करने वाले किसानों को अब अपने आवेदन की जानकारी पाने के लिए केवल इंटरनैट या सरकारी कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. सत्यापित आवेदनों की सूची इन स्थानों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है.
बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर.
संयुक्त कृषि भवन परिसर में.
प्रखंड कार्यालय परिसर में.
पंचायत कृषि भवन परिसर में.
इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के उन किसानों को खास मदद मिल सकती है, जिन्हें औनलाइन आवेदन की स्थिति देखना मुश्किल लगता है. हालांकि, किसानों को यह समझना जरूरी है कि आवेदन का सत्यापन होना और अनुदान के लिए अंतिम मंजूरी मिलना अलगअलग प्रक्रियाएं हैं. सूची में नाम आने के बाद भी संबंधित किसान को विभाग की निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी.
पहले खरीदें कृषि यंत्र, फिर खाते में आएगा पैसा
कृषि यंत्रीकरण योजना में अनुदान पाने के लिए किसान को तय प्रक्रिया का पालन करना होगा. स्वीकृतिपत्र मिलने के बाद ही संबंधित कृषि यंत्र की खरीद किसान को करनी होगी.
इसके बाद खरीद से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने और विभागीय जांच पूरी होने पर अनुदान की राशि मंजूर की जाएगी. मंजूर राशि डीबीटी के जरीए किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी.
इस का मतलब है कि किसान को कृषि यंत्र खरीदते समय अपनी ओर से पैसे लगाने पड़ सकते हैं, इसलिए खरीदने से पहले अनुदान की दर, अपनी पात्रता और विभाग की शर्तों की जानकारी जरूर लें. बिना जरूरी स्वीकृति के यंत्र खरीदने पर अनुदान मिलने में परेशानी हो सकती है.
छोटे किसानों को भी मिल सकता है लाभ
हर किसान के लिए ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल या दूसरे महंगे कृषि यंत्र खरीदना आसान नहीं होता. ऐसे किसानों के लिए किराए पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने वाली व्यवस्थाएं उपयोगी हो सकती हैं.
योजना की समीक्षा बैठक में कस्टम हायरिंग सैंटर, फार्म मशीनरी बैंक और किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सैंटर की प्रगति पर भी चर्चा हुई.
इन केंद्रों के जरीए किसान जरूरत के मुताबिक कृषि यंत्र किराए पर लेकर खेती के काम समय पर कर सकते हैं. इस से महंगी मशीन खरीदने का खर्च बच सकता है. वहीं, कृषि ड्रोन जैसी तकनीक से फसलों पर दवा और दूसरे जरूरी कृषि कार्य करने में भी मदद मिल सकती है.
आवेदन करने से पहले करें यह काम
अगर आप ने कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27 के तहत आवेदन किया है या आवेदन करने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें.
-सब से पहले अपने आवेदन की स्थिति पता करें.
-स्वीकृतिपत्र मिलने से पहले कृषि यंत्र खरीदने में जल्दबाजी न करें.
-खरीद के बिल और दूसरे जरूरी दस्तावेज संभाल कर रखें.
-बैंक खाते और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी भी सही रखें, ताकि अनुदान भुगतान में परेशानी न हो.
योजना से जुड़ी जानकारी के लिए बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं.
वेबसाइट: https://farmech.bihar.gov.in/
पंचायत भवनों पर सूची लगाने की व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है.





