Rajasthan Guava Farming: राजस्थान के सवाई माधोपुर में बड़े पैमाने पर अमरूद की खेती होने के बाद भी यहां के यहां को किसानों को वांछित लाभ नहीं मिल पाता, लेकिन अब क्षेत्र में अमरूद प्रोसेसिंग प्लांट लगने से अमरूद उगाने वाले किसानों की जिंदगी में बहार आएगी.

जयपुर. सवाई माधोपुर का अमरूद आने वाले दिनों में क्षेत्र के किसानों की जिंदगी में बेहतरी लाएगा. राज्य सरकार द्वारा जिले में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा, जिससे देश-विदेश में इस फल और इससे बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी.

पहली बार हुआ अमरूद महोत्सव

देश में पहली बार आयोजित अमरूद महोत्सव इस दिशा में प्रयासों का पहला कदम है. इसके सुखद परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य के कृषि, उद्यानिकी, ग्रामीण विकास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने 18 जनवरी को अमरूद महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही.

लोकसभा अध्यक्ष सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला-2026 के मुख्य अतिथि थे.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठा रही है. इन्ही प्रयासों की कड़ी में सवाई माधोपुर में भारत में पहली बार अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. इसमें देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से किसानों, कृषि उत्पाद व्यापारियों और कृषि यंत्र एवं तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों को साझा मंच उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे अपने अनुभवों को साझा कर उन्नत कृषि को अपना सकें.

अमरूद सस्ता लेकिन स्वास्थ्यवर्धक, महोत्सव से इसकी जानकारी बढ़ेगी

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बेशक अमरूद एक सस्ता फल है, लेकिन बहुत अधिक स्वास्थ्यवर्धक है. अमरूद महोत्सव जैसे आयोजन के जरिए लोगों को इस फल के स्वास्थ्य से जुड़े लाभों के बारे में जानकारी मिलेगी. इससे बनने वाले अचार, जूस, पल्प, मिठाई आदि भी इस मेले में प्रदर्शित किए गए हैं.

उन्होंने आगे कहा कि यहां अमरूद के लाभ, इसकी खेती की नई तकनीक और उन्नत किस्मों तथा प्रसंस्करण की विधियों की जानकारी का आदान-प्रदान हो रहा है. उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री ने महोत्सव के दौरान सवाई माधोपुर में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की घोषणा की है. जब किसी कृषि उत्पाद का संवर्धन होता है, तभी किसान की वास्तविक आय बढ़ती है. इस प्रकार यह आयोजन क्षेत्र के अमरूद के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने में महत्त्वपूर्ण साबित होगा.

अमरूद की प्रोसेसिंग से किसानों की बढ़ेगी कमाई

सवाई माधोपुर की धरती पर 150 करोड़ रुपए की लागत से अमरूद का प्रोसेसिंग प्लांट लगने से किसानों को अतिरिक्त मुनाफा होगा. इस समय राजस्थान में कुल 14 हजार हेक्टेयर अमरूद के बगीचों में से 11 हजार हेक्टेयर अकेले इस जिले में हैं. उन्होंने कहा कि सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा की सरकार की है.

डॉ. मीणा ने कहा कि राजस्थान के अमरूद के किसानों की इस फल से आमदनी सालाना करीब 600-700 करोड़ रुपए है और अब किसानों की आय बढ़ाने की मंशा के अनुरूप हमारा लक्ष्य अमरूद से आमदनी को 1,500-1,600 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष करना है. सवाई माधोपुर में किसानों को अपना फल बेचने के लिए दिल्ली, बड़ौदा आदि जगहों पर नहीं जाना पड़ेगा. प्रोसेसिंग प्लांट लगने से आस-पास के जिलों के साथ ही पड़ोसी प्रदेशों के अमरूद के किसानों को भी लाभ होगा.

600 करोड़ रुपए की लागत से होने अनेक विकास कार्य

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में सवाई माधोपुर में 600 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्य करवाएगी. उन्होंने कहा कि इस वर्ष मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों का काफी नुकसान हुआ. इससे बचाव के लिए सूरवाल बांध के पानी को बनास नदी में छोड़ने के लिए 110 करोड़ रुपए की लागत से एक चैनल बनाया जाएगा. इससे जिले में सिंचाई के लिए भी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा.

कृषि तकनीक और योजनाओं का लाभ उठाएं किसान

डॉ. मीणा ने अमरूद महोत्सव में आए किसानों से कहा कि किसान कृषि यंत्रों, बागबानी, उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों, वैज्ञानिकों आदि के साथ संवाद करें और महोत्सव में लगे लगभग 250 स्टॉल्स को देखकर एक-दूसरे से उन्नत कृषि की तकनीकी और किस्मों की जानकारी लें. राज्य तथा केंद्र सरकार की कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं, विशेषकर फसल बीमा और मंगला पशु बीमा योजना का लाभ लेने का भी सुझाव दिया. इसके अलावा केंद्र सरकार की ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ योजना के का भी लाभ उठाएं.

इसके अलावा सिंचाई की अनेक योजनाओं के तहत सिंचाई क्षेत्र बढ़ेगा. सवाई माधोपुर-करौली में सिंचित क्षेत्र बढ़कर 1.60 लाख हैक्टेयर हो जाएगा. Rajasthan Agriculture Development

अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें...