रबी की सबसे प्रमुख फसल गेहूं है, जो देश में बड़े पैमाने पर की जाती है और समय से बोई गई गेहूं की फसल में अच्छा फुटाव का समय है Farming Tips .
सिंचाई का रखें ध्यान
गेहूं फसल में सिंचाई करते समय इस बात का ध्यान रखें कि ज्यादा तेज हवाएं न चल रही हों, अगर हवा चल रही हों तो उन के थमने का इंतजार करें और मौसम ठीक होने पर ही खेत की सिंचाई करें.
गन्ना बोआई की करें तैयारी
फरवरी के दूसरे पखवारे के बाद गन्ने की बोआई का सिलसिला शुरू किया जा सकता है. बोआई के लिए गन्ने की ज्यादा पैदावार देने वाली किस्मों का चुनाव करना चाहिए. किस्मों के चयन में अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से मदद ली जा सकती है.
गन्ना बोआई से पहले करें ये काम
गन्ने का जो बीज इस्तेमाल करें, वह बीमारी से रहित और उन्नत किस्म का होना चाहिए. बोआई से पहले बीजों को उपचारित कर लेना चाहिए. बोआई के लिए 3 पोरी व 3 आंख वाले गन्ने के स्वस्थ टुकड़े बेहतर होते हैं.
दलहनी फसलों में करें कीट रोग प्रबंधन
एन दिनों मटर की फसल पूरे शबाब पर होती है. उस की देखभाल भी जरूरी है. मटर की फसल में चूर्णिल आसिता रोग के कारण पत्तियों और फलियों पर सफेद चूर्ण सा फैल जाता है. रोग के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देते ही उस का उचित निदान करें और कृषि माहिरों की राय ले कर दवा का छिड़काव करें.
लोबिया, राजमा जैसी फसलों की बोआई के लिए यह उचित समय है, इसलिए जो किसान इन की खेती करना चाहते हैं तो वे इस काम को समय से निबटा लें. Farming Tips
सब्जी की खेती के लिए करें ये काम
भिंडी की खेती साल में 2 बार की जा सकती है. इस समय ग्रीष्मकालीन भिंडी की खेती के लिए बोआई का सही समय है. इस के अलावा इस महीने बैगन की रोपाई भी की जाती है. बैगन के पौधों की रोपाई करने के बाद पौधों की हलकी सिंचाई करें.
मैंथा और मिर्च की करें बोआई
फरवरी महीने में ही मैंथा और मिर्च की खेती के लिए भी उचित समय है. मिर्च की खेती के लिए इस समय पौध रोपाई की जा सकती है.
मिर्च की उन्नत किस्म काशी अनमोल, काशी विश्वनाथ, जवाहर मिर्च-283, जवाहर मिर्च-218, अर्का सुफल और संकर किस्म काशी अर्ली, काशी सुर्ख या काशी हरिता शामिल हैं, जो ज्यादा उपज देती हैं.
भिंडी की उन्नत किस्मों के लिए पूसा ए-4, परभनी क्रांति, पंजाब-7, अर्का अभय, अर्का अनामिका, वर्षा उपहार, हिसार उन्नत, काशी प्रगति आदि का चुनाव करें.
टमाटर की खेती की करें तैयारी
टमाटर की खेती भी वर्ष में 2 बार की जाती है. शीत ऋतु के लिए इस की बोआई जनवरी से फरवरी माह तक की जाती है.
अच्छी उपज के लिए
टमाटर की उन्नत किस्मों में देशी किस्म-पूसा रूबी, पूसा-120, पूसा शीतल, पूसा गौरव, अर्का सौरभ, अर्का विकास, सोनाली और संकर किस्मों में पूसा हाइब्रिड-1, पूसा हाइब्रिड -2, पूसा हाइब्रिड -4, अविनाश-2, रश्मि और निजी क्षेत्र से शक्तिमान, रैड गोल्ड, 501, 2535 उत्सव, अविनाश, चमत्कार, यूएस 440 आदि का चुनाव करें.
तिलहनी फसल सूरजमुखी
सूरजमुखी की फसल 15 फरवरी तक लगाई जा सकती है. इस की फसल की बोआई करते समय इस के बीजों की पक्षियों से रक्षा करना बेहद जरूरी है. इस की संकर किस्में बीएसएस-1,केबीएसए 1, ज्वालामुखी, एमएसएफएच-19, सूर्या आदि शामिल हैं. इस की बोआई करने से पूर्व खेत में भरपूर नमी न होने पर पलेवा लगा कर जुताई करनी चाहिए. 2-3 बार जुताई कर के खेत को भुरभुरा बना लेना चाहिए या रोटावेटर का इस्तेमाल करना चाहिए.
बागबान दें ध्यान
जिन लोगों ने आम का बाग लगा रखा है, वे अपने आम के बागबगीचे का ध्यान रखें. इन दिनों आम में चूर्णिल आसिता रोग लगने का काफी अंदेशा रहता है, इसलिए विशेषज्ञ से सलाह ले कर इस का निदान करें.
अनेक बीमारियों के साथसाथ इन दिनों आम के पेड़ों को कुछ कीटों का भी खतरा रहता है. अगर ऐसा हो, तो अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र के बागबानी वैज्ञानिक की राय ले कर कीटों व बीमारी का निबटारा करें.
केले के फसल का रहे खयाल
इन दिनों सदाबहार फल केले के बागों का खयाल रखना भी जरूरी है. बाग में फैली तमाम सूखी पत्तियां बटोर कर खाद के गढ्डे में डाल दें.
केले की उम्दा फसल हासिल करने के लिए बाग की निराईगुड़ाई करने के बाद पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन व पोटाश वाली खादें डालें. केले के पेड़ों पर अगर किसी बीमारी या कीटों का हमला नजर आए, तो तुरंत उस का इलाज फल वैज्ञानिक की राय के मुताबिक करें.
नीबूवर्गीय पौधों की करें रोपाई
फरवरी महीने में नीबूवर्गीय पौधों की भी बोआई करने का उचित समय है. नीबू, संतरा व मौसमी वगैरह के बीजों की बोआई पौधशाला में की जा सकती है.
पशुओं की देखभाल में न करें अनदेखी
आमतौर पर फरवरी महीने में ठंड कम होने लगती है. ऐसे में पशुपालक पशुओं की सेहत को ले-कर लापरवाह हो जाते हैं और अपने मवेशियों को सर्दी से बचाने के उपाय बंद कर देते हैं, जिस से पशुओं के बीमार होने की भी खतरा होता है, इसलिए मौसम के प्रति सजग रहें. Farming Tips
जाती हुई सर्दी इनसानों के साथसाथ जानवरों को भी बीमार करने वाली होती है, इसलिए सर्दी से बचाव के उपाय एकदम से बंद न करें. Farming Tips





