Animal Breed. अब किसानों को समझ आने लगा है कि बदलते मौसमी हालात, गिरता भूजल स्तर, बीज आदि की बढ़ती कीमतों के कारण अकेला खेती का काम लाभकारी नहीं रह सकता. अगर खेती के साथ पशुपालन भी किया जाए, तो किसानों की आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव आ सकता है.

पशुपालन के लिए जरूरी है कि देशी नस्लों की जगह पर ऐसी नस्लों का पालन किया जाए, जो लोकल परिस्थितियों में ज्यादा दूध दे सकें. जिन किसानों के पास हरे चारे, पीने के पानी और संतुलित दाने का       इंतजाम है, उन के लिए भैंसपालन अधिक अच्छा माना गया है.

राजस्थान में गरमियों के मौसम में तापमान 50 डिगरी सेल्सियस तक हो जाने, पीने के पानी की कमी और हरा चारा नहीं मिलने जैसे हालात की वजह से विदेशी नस्ल की गाय हालिस्टियन व जर्सी का पालन तो नहीं हो सकता, तो आइए जानते हैं उन खास नस्लों के बारे में जिन्हें राजस्थान में पाला जा सकता है.

थारपारकर नस्ल

थारपारकर नस्ल राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जिलों में मिलती है. इन की कदकाठी मजबूत होने के कारण इन में ज्यादा तापमान सहने, सूखे चारे से जीवनयापन करने और एक ब्यांत में औसतन 1800 से 2500 लीटर दूध देने की कूवत होती है. इन के दूध में वसा की मात्रा भी देशी गायों की तुलना में अधिक होती है.

गिर नस्ल

इसी तरह गिर नस्ल की गाय भी राजस्थान के लिए मुफीद मानी गई है,  जो राजस्थान के अजमेर, जोधपुर, पाली, भीलवाड़ा और गुजरात के काठियावाड़ जिले में मिलती है.

इस नस्ल की गाय मजबूत कदकाठी की होती है जो जंगल में घूम कर अपना भोजन जुटा लेती है. यह गाय एक ब्यांत में औसतन 1800 लीटर दूध देती है.

मुर्रा नस्ल

भैंसपालन के लिए हरियाणा की मुर्रा नस्ल ज्यादा फायदेमंद होती है.

मुर्रा नस्ल हरियाणा के रोहतक, जींद, हिसार और पंजाब के पटियाला जिले में मिलती है. इस नस्ल की भैंस का रंग काला, आंखें चमकीली, पीठ चौड़ी, उभरा हुआ सिर, सींग गोल व घुमावदार होते हैं, जो एक ब्यांत में औसतन 1500 से 2500 लीटर दूध देती है. दूध में वसा की मात्रा 7 से 8 फीसदी होती है. इस वजह से अन्य पशुओं के दूध के मुकाबले मुर्रा भैंस का दूध अधिक दर पर बिकता है.

मुर्रा नस्ल की भैंसों की कीमत ज्यादा दूध देने के कारण सामान्य भैंसों के मुकाबले कई गुना अधिक होती है. आमतौर पर मुर्रा भैंस रोजाना 15 से 20 लीटर दूध आसानी से दे देती है.

मुर्रा पालन में सब से बड़ा फायदा यह भी है कि इस की एक से डेढ़ साल की पडि़या (मादा बच्चा) 25 से 30 हजार रुपए में बिक जाती है. मुर्रा नस्ल का नर बच्चा भी 2-3 साल में भैंसा बन जाता है, जो 50-60 हजार रुपए में आसानी से बिक जाता है.

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