मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राज्य सरकार ने ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर 5 कृषि यंत्रों पर सब्सिडी (Subsidy ) के लिए आवेदन मांगे हैं. इच्छुक किसान 4 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया 27 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि पात्र किसानों का चयन 5 अगस्त 2026 को लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा.
चयनित किसानों को सरकार की निर्धारित पात्रता के अनुसार कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा. इससे किसानों को कम लागत में आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे और खेती अधिक लाभदायक बनेगी.
इन कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान
इस चरण में किसानों से जिन कृषि यंत्रों के लिए आवेदन मांगे गए हैं :
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- हैप्पी सीडर
- स्मार्ट सीडर
- क्लीनर कम ग्रेडर
- सीड ट्रीटिंग ड्रम
- जीरो टिल
- सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल
जमा करनी होगी धरोहर राशि
किसानों को संबंधित कृषि यंत्र के अनुसार निर्धारित डिमांड ड्राफ्ट (DD) आवेदन के साथ जमा करना होगा. यह डीडी किसान के स्वयं के बैंक खाते से संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम बनवाना अनिवार्य है. बिना डीडी के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
कितनी है धरोहर ( सिक्योरटी) राशि?
- हैप्पी सीडर के लिए 5,250 रुपए.
- स्मार्ट सीडर के लिए 4,550 रुपए.
- क्लीनर कम ग्रेडर के लिए 6,350 रुपए.
- सीड ट्रीटिंग ड्रम के लिए 2,200 रुपए.
- जीरो टिल सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल के लिए 3,550 रुपए धरोहर राशि जमा करनी होगी.
किसानों को कितनी मिलेगी सब्सिडी?
लघु, सीमांत, महिला तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के किसानों को कृषि यंत्र की लागत पर 50% तक अनुदान मिलेगा. जबकि सामान्य वर्ग के किसानों को 40% तक अनुदान दिया जाएगा.
किसान अपनी पात्रता और अनुमानित अनुदान की जानकारी ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर से भी देख सकते हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को निम्न दस्तावेज तैयार रखने होंगे :
- फार्मर आईडी
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक ट्रैक्टर चालित यंत्रों के लिए ट्रैक्टर के कागज आदि चाहिए.
इसके अलावा
- निर्धारित धरोहर राशि (DD) की स्कैन कॉपी
- SC/ST किसानों के लिए जाति प्रमाणपत्र
- फार्मर आईडी जरूरी है.
इस बार आवेदन के लिए एग्री-स्टैक फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है. जिन किसानों के पास Farmer ID नहीं है, उन्हें पहले एग्री-स्टैक पोर्टल पर अपनी भूमि का पंजीकरण कर Farmer ID बनवानी होगी. इसके बाद ही वे आवेदन कर सकेंगे.
आवेदन कैसे करें?
पहले से पंजीकृत किसान आधार ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर आवेदन कर सकते हैं.
नए किसानों को पहले MP Online या CSC केंद्र पर जाकर बायोमैट्रिक आधार सत्यापन के जरिए पंजीकरण कराना होगा.
इसके बाद अपनी पात्रता के अनुसार कृषि यंत्र का चयन कर आवेदन जमा किया जा सकता है.
अधिक जानकारी के लिए किसान अपने ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं.
खेती में इन कृषि यंत्रों का क्या है फायदा?
हैप्पी सीडर : धान की पराली हटाए बिना गेहूं की बोआई करने वाला आधुनिक यंत्र है. इससे पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और समय व डीजल की बचत होती है.
स्मार्ट सीडर : यह बीज और उर्वरक दोनों को एक साथ सही गहराई पर डालता है. इससे बीज का बेहतर अंकुरण होता है, उर्वरक की बचत होती है और फसल की बढ़वार अच्छी रहती है.
क्लीनर कम ग्रेडर : कटाई के बाद अनाज, दाल और तिलहन की सफाई तथा आकार के अनुसार ग्रेडिंग करता है. इससे बाजार में अच्छी गुणवत्ता का उत्पाद मिलता है और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ती है.
सीड ट्रीटिंग ड्रम : बोआई से पहले बीजों का उपचार करने के लिए उपयोग किया जाता है. इससे बीज जनित रोगों का खतरा कम होता है और अंकुरण बेहतर होता है.
जीरो टिल सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल : यह बिना जुताई के सीधे बुवाई करने वाला यंत्र है. इससे मिट्टी की नमी सुरक्षित रहती है, डीजल और श्रम की बचत होती है तथा समय पर बोआई संभव होती है. Subsidy





