ज्ञानधारा इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक ऋतु अग्रवाल का मानना है कि किसान कीमत नहीं, बेहतर परिणाम चाहते हैं. डेयरी व्यवसाय में अधिकांश पशुपालक अच्छी नस्ल के पशु खरीदने पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार पशु आहार (Animal Feed)  का चुनाव केवल कीमत देखकर करते हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि दूध उत्पादन, पशुओं के स्वास्थ्य और डेयरी से होने वाली आय में सब से बड़ी भूमिका संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण पशु आहार की होती है.

इसी सोच को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं ज्ञानधारा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक ऋतु अग्रवाल.

ऋतु अग्रवाल का मानना है कि किसान सब से सस्ता नहीं, बल्कि ऐसा पशु आहार चाहते हैं, जो वास्तव में बेहतर परिणाम दे.

गृहिणी से सफल उद्यमी तक का सफर

करीब 15 वर्ष तक गृहिणी रहने के बाद ऋतु अग्रवाल ने डेयरी क्षेत्र में कदम रखा. गांव-गांव जाकर उन्होंने पशुपालकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझा. उन्हें महसूस हुआ कि अधिकांश किसान संतुलित पशु पोषण के महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं हैं. यदि उन्हें सही जानकारी और गुणवत्तापूर्ण पशु आहार मिले, तो वे बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं.

इसी सोच के साथ वर्ष 2017 में उन्होंने ज्ञानधारा इंडस्ट्रीज की शुरुआत की. आज कंपनी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, असम और नेपाल तक अपनी पहचान बना चुकी है तथा इसका वार्षिक कारोबार 425 करोड़ रुपए से अधिक बताया जाता है.

कीमत नहीं, गुणवत्ता पर दें ध्यान

ऋतु अग्रवाल का कहना है कि पशु आहार को खर्च नहीं बल्कि निवेश के रूप में देखना चाहिए. यदि पशु को संतुलित पोषण मिलेगा तो वह अधिक दूध देगा, स्वस्थ रहेगा और उस की प्रजनन क्षमता भी बेहतर होगी. इस से पशुपालक की आय में सीधा लाभ होगा.

संतुलित पशु आहार के लाभ

-दूध उत्पादन में वृद्धि.

-दूध की गुणवत्ता और फैट प्रतिशत में सुधार.

-पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य.

-समय पर गर्भधारण और बेहतर प्रजनन क्षमता.

-दवाइयों और इलाज पर कम खर्च.

-डेयरी व्यवसाय में अधिक लाभ.

ज्ञान के साथ बढ़ रहा है विश्वास

ऋतु अग्रवाल का मानना है कि केवल पशु आहार बेचना पर्याप्त नहीं है, इसलिए उनकी कंपनी ‘ज्ञानधारा मंथन’ और ‘ज्ञानधारा मित्र’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पशुपालकों को वैज्ञानिक पशु पोषण और आधुनिक डेयरी प्रबंधन की जानकारी भी दे रही है. कंपनी के अनुसार, लाखों किसान इन कार्यक्रमों से लाभान्वित हो चुके हैं.

पशुपालकों के लिए संदेश

ऋतु अग्रवाल कहती हैं, “पशु आहार खरीदते समय केवल कीमत न देखें. ऐसा आहार चुनें, जो आप के पशु की जरूरत के अनुसार संतुलित पोषण दे. बेहतर पोषण ही अधिक दूध, स्वस्थ पशु और ज्यादा मुनाफे की कुंजी है.”

आज डेयरी व्यवसाय में सफलता का मूल मंत्र है—सही पोषण, सही प्रबंधन और सही जानकारी. यदि पशुपालक गुणवत्तापूर्ण पशु आहार अपनाते हैं और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करते हैं, तो कम पशुओं से भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है. यही संदेश ऋतु अग्रवाल और ज्ञानधारा इंडस्ट्रीज़ किसानों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.

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