अविकानगर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (ICAR-CSWRI) को एक बड़ी वैज्ञानिक सफलता मिली है. संस्थान द्वारा विकसित थर्मल कंडक्टिविटी (ऊष्मा चालकता) मापने वाले स्वदेशी उपकरण को भारतीय पेटेंट मिल गया है. यह उपकरण कपड़ा, ऊन, लकड़ी, प्लास्टिक, धातु सहित कई सामग्रियों की ऊष्मा चालकता का सटीक परीक्षण करेगा.
यह उपकरण संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. विनोद कदम, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अजय कुमार और इति दुबे ने इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया है.
कितने डिग्री सेल्सियस तक करेगा माप?
यह उपकरण 5° सेल्सियस से 60° सेल्सियस के तापमान के बीच विभिन्न सामग्रियों की ऊष्मा चालकता का सटीक मापन कर सकता है. इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कोई सामग्री गर्मी को कितनी तेजी या धीमी गति से अपने अंदर प्रवाहित करती है.
कई उद्योगों में होगा उपयोग
इस तकनीक का उपयोग टेक्सटाइल, ऊन, प्लास्टिक, धातु, रबर, कंपोजिट, लकड़ी और फाइबर बोर्ड जैसी कई सामग्रियों की जांच में किया जा सकेगा.
यह स्वदेशी उपकरण शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान एवं परीक्षण प्रयोगशालाओं के साथ-साथ टेक्सटाइल, निर्माण, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और कम्पोजिट सामग्री उद्योगों में उत्पाद विकास, गुणवत्ता परीक्षण और शोध कार्यों में उपयोगी साबित होगा.
‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगी मजबूती
संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कहा कि यह स्वदेशी तकनीक भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को मजबूत करेगी, उन्नत परीक्षण उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई गति देगी.





