नर्सरी का कारोबार अब कहीं अधिक मुनाफेदार होने जा रहा है, क्योंकि इस कारोबार को शुरू करने के लिए अब सरकार दे रही है 50 फीसदी की सब्सिडी. Nursery Farming आइए जानते हैं कहां और कैसे मिलेगा इस सुविधा का लाभ.

आज नर्सरी का कारोबार अच्छा फलफूल रहा है. लोगों का प्रकृति के प्रति प्रेम बढ़ रहा है. इस के अलावा आज दूषित वातावरण के बीच हर जना कुछ राहत की सांस लेना चाहता है, जिस के चलते लोग अपने घरआंगन , छत या बालकनी में फलसब्जी के पौधे लगाने लगे हैं. इस के लिए उन्हें पौधे मिलने का एकमात्र जरीया है नर्सरी से पौधे खरीदना.

आइए जानते हैं क्या है यह योजना

यह योजना उन किसानों और नौजवानों के लिए है, जो नर्सरी का कारोबार करने के इच्छुक हैं. उन के लिए कृषि विभाग की ओर से एक लाभकारी योजना शुरू की गई है. विभाग के उद्यान निदेशालय की ओर से अब निजी क्षेत्र में नर्सरी लगाने के लिए अनुदान देने का प्रावधान तय किया गया है, जबकि पहले नर्सरी का काम शुरू करने के लिए कोई सरकारी मदद नहीं मिलती थी और पूरा खर्च खुद उठाना पड़ता था, लेकिन अब कृषि वानिकी योजना के तहत निजी क्षेत्र के लोगों के लिए भी नर्सरी लगाने की योजना शुरू की गई है, जिस के लिए राज्य सरकार द्वारा लाभार्थी को 50 फीसदी की सब्सिडी दी जा रही है. Nursery Farming

पहले से नर्सरी चला रहे लोगों को भी मिलेगा लाभ

सरकार द्वारा पहले से नर्सरी का कारोबार करने वाले लोगों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा. उद्यान निदेशालय की ओर से कृषि वानिकी योजना के तहत निजी क्षेत्र में नर्सरी बनाने को ले कर विभाग द्वारा आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू है. इस योजना का लाभ लेने के लिए राज्य का कोई भी व्यक्ति, जो वर्षों से नर्सरी के क्षेत्र में कृषि वानिकी के उत्पादन के क्षेत्र में काम कर रहा है, वह भी आवेदन कर सकता है.

इस के तहत निजी क्षेत्र में छोटी नर्सरी लगाना और पहले से बनी नर्सरी में कृषि वानिकी से संबंधित पौधों का उत्पादन किया जाना है. इन में मुख्य रूप से गम्हार, सेमल, मालावार नीम और अन्य कृषि वानिकी पौधों की गुणवत्तायुक्त पौध उगाई जाएगी.

कितने लाख की मिल रही सब्सिडी और कौन ले सकता है लाभ

खुद की नर्सरी लगाने के लिए लाभार्थी को सरकार की ओर से 50 फीसदी तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है. आधा हेक्टेयर में नर्सरी लगाने के लिए लागत 10 लाख रुपए तय की गई है. इस पर सरकार द्वारा 50 फीसदी का अर्थात 5 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा. Nursery Farming

अगर आप ने पहले से नर्सरी बनी है, तो नर्सरी में कृषि वानिकी पौध उत्पादन की इकाई लागत 5 लाख रुपए तक है और इस पर सरकार की ओर से ढाई लाख रुपए का अनुदान देने की बात कही गई है. यह योजना बिहार राज्य के बागबानी विभाग ने अपने राज्य किसानों के लिए लागू की है.

यह करना होगा काम

नर्सरी के लिए आवेदन करने से पहले आवेदक को और कार्यस्थल की जानकारी काम शुरू करने से पहले और काम पूरा होने के बाद 2 जियो-टैग सैल्फी के साथ देनी होगी, जिस से यह साबित हो सके कि आप किस जगह नर्सरी लगाने जा रहे हैं. नर्सरी लगाने वाली जगह के प्रमाणपत्र संबंधित कागजात जिला उद्यान कार्यालय में जमा करवाने होंगे.

जल्दी लें लाभ

योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. Nursery Farming यह योजना सभी वर्ग के लिए है.

ऐसे करें आवेदन

जो लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं वे horticulture.bihar.gov.in वैबसाइट या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. यह योजना बिहार राज्य के लोगों के लिए है.
यह योजना उन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी जिन का प्रकृति और पर्यावरण के प्रति प्रेम है. इस योजना से उन्हें रोजगार भी मिलेगा, शौक भी पूरा होगा.

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