Fake Fertilizers: खेती की सफलता काफी हद तक सही खाद पर निर्भर करती है. यदि खाद शुद्ध और संतुलित हो, तो फसल अच्छी होती है; लेकिन यदि खाद मिलावटी या नकली हो, तो किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. आज के समय में बाजार में नकली खाद (Fake Fertilizers) की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसान आर्थिक और उत्पादन दोनों स्तर पर प्रभावित हो रहे हैं.

क्यों बढ़ रही है नकली खाद की समस्या?

खाद की मांग अधिक और आपूर्ति कम होने की स्थिति में कुछ लोग अवैध रूप से मिलावटी खाद (Fake Fertilizers) बेचने लगते हैं. कई बार महंगे ब्रांड के नाम पर घटिया या मिश्रित सामग्री पैक कर दी जाती है. किसान असली और नकली खाद (Fake Fertilizers) के बीच अंतर नहीं समझ पाते और ठगी का शिकार हो जाते हैं.

इसके परिणामस्वरूप:
• फसल की वृद्धि रुक जाती है
• उत्पादन कम हो जाता है
• मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो सकती है
• किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है

असली और नकली खाद की पहचान कैसे करें?

नीचे कुछ सामान्य खादों की पहचान के सरल तरीके दिए गए हैं. इन उपायों से किसान प्राथमिक स्तर पर जांच कर सकते हैं.

1. डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की पहचान
• इसके दाने पूरी तरह गोल नहीं होते.
• रंग हल्का भूरा या मटमैला हो सकता है.
• दानों को दबाने पर वे तुरंत चूरा नहीं बनते.
• पानी के संपर्क में आने पर धीरे-धीरे गलते हैं, लेकिन बिखरते नहीं.
• चूने के साथ मिलाने पर तेज गंध महसूस हो सकती है.

2. यूरिया की पहचान
• दाने सफेद और लगभग समान आकार के होते हैं.
• अधिक पाउडर दिखे तो मिलावट या पुरानापन हो सकता है.
• पानी में घुलने पर ठंडक का एहसास होता है.
• गर्म करने पर पहले पिघलता है और फिर वाष्प बनकर समाप्त हो जाता है.

3. जिंक सल्फेट की जांच
• थोड़ी मात्रा पानी में घोलें.
• यदि सही रासायनिक प्रतिक्रिया हो और घोल गाढ़ा हो जाए, तो खाद शुद्ध हो सकती है.

4. सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी)
• हाथ में रगड़ने पर हल्का चिकनापन महसूस होता है.
• अत्यधिक खुरदरापन मिलावट का संकेत हो सकता है.

5. म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी)
• इसका रंग ईंट जैसा लाल या भूरा होता है.
• पानी में डालने पर दाने आपस में चिपकते नहीं.

नकली खाद से बचने के लिए जरूरी सावधानियां

-हमेशा पंजीकृत और विश्वसनीय विक्रेता से खरीदारी करें.

-खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें.

-पैकिंग पर कंपनी का नाम, बैच नंबर और निर्माण तिथि देखें

-खुली या बिना लेबल वाली खाद खरीदने से बचें

-किसी संदेह की स्थिति में कृषि विभाग से संपर्क करें.

नकली खाद (Fake Fertilizers) की समस्या केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि कृषि व्यवस्था के लिए भी खतरा है. जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा समाधान है. यदि किसान खाद की सही पहचान करना सीख जाएं और सावधानी बरतें, तो इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है.

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