IARI (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान), नई दिल्ली ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मिसाल बनाई है. इस के पीछे संस्थान (IARI) के कृषि वैज्ञानिकों की लगन और मेहनत का नतीजा है जो सालोंसाल किसानों के हित और कृषि के विकास के लिए काम कर रहे हैं. किसानों को नई-नई तकनीकियों से रूबरू करा रहे हैं और अनेक उन्नत बीजों को ईजाद कर रहे हैं.
पिछले साल संस्थान ने विकसित की ये किस्में
साल 2025 में सब्जी फसलों में लौकी, करेला, खीरा, खरबूजा, कद्दू, फूलगोभी, ब्रोकोली, बैगन, चेरी टमाटर एवं भिंडी सहित 13 किस्म एवं संकर विकसित की गईं.
संरक्षित खेती के लिए
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- ‘पूसा पार्थेनोकार्पिक खीरा हाईब्रिड-2’
- ‘पूसा केसरी खरबूजा’
- ‘पूसा रेड चेरी टमाटर-4’
- करेला में वायरस-समूह प्रतिरोधी ‘पूसा संजीवनी’ तथा लीफ कर्ल वायरस प्रतिरोधी ‘पूसा भिंडी-6’ जैसी रोग-प्रतिरोधी किस्में विकसित की गईं.
- फूलगोभी में मध्य परिपक्वता समूह की पहली सीएमएस आधारित नारंगी संकर पूसा ऑरेज कॉलीफ्लॉवर हाईब्रिड-1′ विकसित की गई.
इसके अतिरिक्त, दो सीएमएस आधारित उत्कृष्ट जर्मप्लाज्म रेखाएं भी विकसित की गईं.
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- गुणवत्तायुक्त सब्जी बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए संस्थान ने 17 निजी बीज कंपनियों के साथ 18 समझौता ज्ञापन (MoU) किए, जिनमें 33 सब्जी किस्में एवं तीन उत्कृष्ट जर्मप्लाज्म रेखाएं शामिल हैं.
- फलों में, अंगूर की दो किस्में पूसा पर्पल सीडलैस एवं पूसा स्वर्णिका जारी की गईं.
- नीबूवर्गीय फसलों की 4 किस्म-पूसा स्वरस (ऑरेंजेलो), पूसा गोल्ड किन्नो, पूसा कार्तिकी मौसंबी एवं पूसा लो-सीडेड मौसंबी के साथ अमरूद की 2 किस्म पूसा अतुल्य एवं पूसा जीविका तथा पपीता की एक किस्म पूसा मधु की पहचान की गई.
- अनार में 200 से अधिक देशी एवं विदेशी जीनोटाइप से युक्त दो फील्ड जोन बैंक स्थापित किए गए, जिससे आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण को मजबूत किया गया.
- सजावटी फसलों में, ढीले फूल उत्पादन एवं लैंडस्केपिंग हेतु गेंदा की तीन उच्च उपज वाली किस्म-पूसा श्वेताभ पूसा प्रभा एवं पूसा शोभा की पहचान की गई.
- गुलाब में उद्यान प्रदर्शन हेतु पूसा ग्लोरी को चयनित किया गया.
- ग्लेडियोलस में एक संभावनाशील संकर पूसा रेड डिलाइट की पहचान की गई. विशिष्ट पुष्प रंग वाली एक नवीन किस्म विदुषी’ का पंजीकरण भी किया गया.
- गुलदाउदी में पूसा धवल, पूसा आइवरी एवं पूसा स्वर्णा नामक तीन वार्षिक किस्में विकसित एवं पहचानी गईं.
संस्थान (IARI) द्वारा विकसित फल सब्जी की उन्नत किस्में किसान बागबानों के जीवन को महकाने का काम करेंगी, इसलिए जरूरत इस बात की है कि किसान अपने क्षेत्र के हिसाब से उन्नत बीज का चुनाव करके ही खेती करें.





