Harvesting Machine: कृषि यंत्र द्वारा गोभी और पत्तागोभी की कटाई करने से किसानों को होगा फायदा. कटाई में लगने वाली मेहनत से मिलेगी मुक्ति और समय लगेगा कम. किस ने बनाया इस गोभी कटाई मशीन को? और कैसे हुआ काम आसान? आइए, जानते हैं कुछ जमीनी बातें :

आज भी फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रोकोली की कटाई किसानों द्वारा पारंपरिक तरीके से की जाती है. इस तरीके से गोभी काटने में समय भी अधिक लगता है. इसी समस्या को देखते हुए बिहार के समस्तीपुर के डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक खास मशीन (Harvesting Machine) विकसित की है, जो फूलगोभी और पत्तागोभी की कटाई को बेहद आसान बनाती है.

गोभी कटर मशीन की क्या है खासियत?

इस मशीन के इस्तेमाल से गोभी कटाई में काफी कम समय लगता है. एक घंटे में करीब 250 गोभी काटी जा सकती हैं यानी कम समय में ज्यादा काम और मेहनत भी कम लगती है.

डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के डा. अभिषेक राज से मिली जानकारी के अनुसार यह मशीन एक मजबूत लोहे के फ्रेम पर बनी हुई है, जिसमें पीछे की तरफ 2 बड़े पहिए लगे हैं. साथ ही फ्रेम के साथ एक बड़ा सा स्टोर बकेट लगा है. इसमें कटी हुई पत्तागोभी स्टोर होती है. बीच में लंबा लोहे का चैनल बना है, जिससे फूलगोभी या पत्तागोभी अपने आप बकेट तक पहुंच जाती हैं. इसमें मूविंग चैनल है. आगे की तरफ तेज धार वाला ब्लेड लगा होता है, जो गोभी को जड़ से काटता है. ऊपर की तरफ हैंडल दिया गया है, जिसे दबाकर ब्लेड को कंट्रोल किया जाता है. यह कृषि यंत्र बैटरी से चलता है.

कैसे होती है गोभी की कटाई

इस मशीन के निचले हिस्से में मोटर लगी हुई है. ऑन ऑफ करने के लिए एक स्विच से जोड़ा गया है. बटन को चालू करने से बैटरी से करंट सप्लाई होता है और मशीन काम करने के लिए तैयार हो जाती है. बीच में बना चैनल नीचे से ऊपर की ओर चलने लगता है. इसके बाद ऊपर दिए गए बड़े हैंडल को दबाते ही आगे लगा ब्लेड सक्रिय हो जाता है, जो पत्तागोभी को काटकर चैनल के एक किनारे पर डाल देता है. इसके बाद पत्तागोभी मूविंग चैनल के जरिए नीचे से ऊपर की ओर पहुंचती है और अंत में बकेट में इकट्ठा हो जाती है. इस तरह यह मशीन एक घंटे में करीब 250 से 255 पत्तागोभी काट देती है.

संस्थान द्वारा इस मशीन की कीमत लगभग 8,000 रुपए रखी गई है, जिसे गोभी की खेती करने वाला हर छोटाबड़ा किसान इसे खरीद सकता है. इसके अलावा जो गोभी के खेती नहीं भी करते हैं वे भी इस मशीन को खरीदकर इस मशीन से अन्य किसानों के खेत में गोभी कटाई का काम करके आमदनी का साधन बना और बढ़ा सकते हैं.

कैसे और कहां मिलेगी यह मशीन?

इस मशीन को खरीदने के लिए पूसा स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय समस्तीपुर बिहार से संपर्क करना होगा या फिर संसथान की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन भी भुगतान कर मशीन बुक कर सकते हैं.

ऐसे कृषि यंत्रों का उद्देश्य खेती में किसानों की लगने वाली मेहनत को कम करना और किसान की लागत में कमी लाना है. कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से खेती अधिक सुविधाजनक बनती है और उत्पादन भी बढ़ता है.

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