Lac Cultivation: लाख एक कुदरती राल होता है, जो कैरिया लैक्का नामक मादा कीट द्वारा अंडे देने के बाद स्राव से बनता है. इस कीट को कुछ खास पेड़ों की टहनियों पर पालते हैं. लाख कीट अपने शरीर को महफूज रखने के लिए एक तरह का तरल पदार्थ निकालता है, जो सूख कर कवच बन जाता है और उस कवच के भीतर कीट जीवित रहता है. इसी कवच को लाख या लाह कहते हैं. इस का इस्तेमाल दवा उद्योग, फूड प्रोसेसिंग उद्योग, सौंदर्य व प्रसाधन उद्योग, बिजली उद्योग, चमड़ा उद्योग, सूक्ष्म रसायन उद्योग समेत कई तरह के कामों में होता है.
फ्लेमिंजिया सेमियालता दलहन कुल का झाड़ीनुमा पौधा होता है, जो लाख की खेती के लिए काफी अच्छा माना गया है. यह सामान्य आबोहवा में पानी के आसपास ही मिलता है, क्योंकि गरमी में जीवित रहने के लिए इसे पानी चाहिए. लाख की खेती कुसुम, बेर, पलास पर भी की जाती है, लेकिन सेमियालता एक अच्छा लाख पोषक पेड़ है, जिस का बाग लगा कर लाख की खेती की जा सकती है.
सेमियालता की खासीयत : इस का बाग एक साल में ही तैयार हो जाता है. बाग लगाने के दूसरे साल से लाख की खेती शुरू की जा सकती है. पौधे की ऊंचाई कम होने के कारण फसल की देखरेख में आसानी रहती है. कुसमी लाख के लिए अच्छा होने के कारण रंगीनी से अधिक आमदनी होती है.
महिलाएं भी लाख की खेती के सभी काम इस पौधे पर आसानी से कर सकती हैं. दलहन समूह का पौधा होने के कारण इस की जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन इकट्ठा करती हैं. फसल कटाई के समय ही पौधे की काटछांट भी हो जाती है. फसल कटाई के 6 महीने बाद दोबारा इन्हीं पेड़ों पर कीट पाले जा सकते हैं.
इन सभी खासीयतों के कारण यह एक अच्छा पौधा माना जा सकता है.
बाग लगाने का तरीका
सेमियालता कम शुष्क और उपजाऊ या काली मिट्टी में आसानी से लगाया जा सकता है. दलहनी पौधा होने के कारण पानी जमा होने वाली जगह इस के लिए अच्छी नहीं होती. नए पौधे तैयार करने के लिए नर्सरी में बीज और कलम का इस्तेमाल किया जा सकता है.
पौलीथिन में पौध: पौलीथिन की थैली (25×15 सेंटीमीटर) में भी पौध आसानी से तैयार की जा सकती है. काली थैली में मिट्टी, गोबर खाद और बालू के मिश्रण (2:1:1) को भर देते हैं और थैली में नीचे की ओर एक छेद बना देते हैं. एक थैली में 2-3 बीज लगाने चाहिए. जरूरत पड़ने पर पानी डालना चाहिए और समयसमय पर खरपतवार भी हटाते रहें. एक महीने बाद एक अच्छा पौधा रख कर बाकी हटा दें.
नर्सरी बेड के स्थान पर पौलीथिन में लगाए गए पौध का इस्तेमाल करें, क्योंकि इन को लाने ले जाने में आसानी होती है और लागत भी कम आती है.
पौध लगाना : पौध लगाने का काम मानसून की पहली बारिश में पूरा हो जाए तो पौधे जल्दी लग जाते हैं और बढ़वार जल्दी होने के कारण मानसून खत्म होने के बाद सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती. स्वस्थ पौधे को मिट्टी समेत निकाल कर तैयार गड्ढे में लगा दें.
पौधों की दूरी : पौधे 2 तरह से लगाए जा सकते हैं. पौधे से पौधे और लाइन से लाइन की दूरी एक मीटर रखें. ऐसी स्थिति में एक हेक्टेयर खेत में 10 हजार पौधे लगेंगे. यह तरीका छोटे स्तर पर बाग लगाने के लिए अच्छा है. दूसरे तरीके में पौधे से पौधे की दूरी एक मीटर और 2 लाइनों की दूरी आधा मीटर रखते हैं, लेकिन दोनों लाइनों के पौधे एकांतर तकनीक से लगाते हैं.
हर 2 लाइन के बाद 2 मीटर खाली जगह छोड़ दें. इस खाली जगह में सब्जी लगाई जा सकती है. इस तरह से एक हेक्टेयर में तकरीबन 8 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं.
लाख की पैदावार : बारिश आधारित इलाकों में शीतकालीन कुसमी फसल अच्छी है और पैदावार 7-8 गुना है. यानी इकाई बीहन संचारण कर के 7-8 गुणा बीहन का उत्पादन लिया जा सकता है. फसल की अवधि जुलाई से दिसंबर और जनवरी की होगी.
लाख की खेती
कीट पालन : अगर शाखाएं 4-5 फुट की हो गई हों तो कीट पालन जुलाई महीने में किया जा सकता है. बाग से खरपतवार हटा दें. पहली बार कीट पालन के लिए 20-25 ग्राम बीहन प्रति पौधे की दर से लगाया जाता है, लेकिन दूसरी बार और इस के बाद 40-50 ग्राम प्रति पौधे की दर से बीहन लगाना पड़ेगा. कीट इस तरह छोड़े जाते हैं कि हर शाखा पर तकरीबन 30-45 सेंटीमीटर की लंबाई तक ही शिशु कीट बैठें.
जुलाईअगस्त महीने में कीट द्वारा लाख छोड़ने का काम 10-15 दिन में ही खत्म हो जाता है. खाली बीहन लाख डंडियों (फुंकी) को जैसे ही लाख छोड़ने का काम खत्म हो, तुरंत हटा कर बेच देना चाहिए.
फसल कटाई
कटाई करने के लिए लाख लगी टहनियों को जमीन से 8-10 सेंटीमीटर ऊपर की ऊंचाई से काट दिया जाता है. फसल कटाई शिशु कीट निकलने शुरू हो जाएं, तभी करें. काटते समय अगर किसी पुरानी टहनी पर लाख न हो तो उसे भी काट देना चाहिए, जिस से 6 महीने बाद फिर से कीट पालन के लिए नरम और रसदार टहनियां तैयार हो जाएं. अगर नई टहनी नीचे से आ रही है तो उसे न काटें.
फसल की कटाई सिकेटियर या लंबे हत्थे वाली कैंची से कर सकते हैं. ऐसी लाख जिस की पपड़ी मर गई हो या जिस पर लाख दाना छितरा हुआ हो, उसे छील कर लकड़ी से अलग कर के बेच दें. इस तरह लाख की खेती करने से किसानों को खासा फायदा हो सकता है. Lac Cultivation





