Unseasonal Rain: गेहूं की फसल कटाई-मड़ाई के लिए तैयार है या कट गई है. लेकिन मौसम के बदलते मिजाज और बेमौसम बरसात से गेहूं की फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है.
प्रसार्ड ट्रस्ट मल्हनी, देवरिया के निदेशक प्रो. रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि गेहूं की फसल बार-बार वर्षा होने से नम हो जा रही है इसलिए मशीनों से कटाई करना मुश्किल है. उत्पादन मिलने पर गेहूं के दाने पतले और कमजोर होंगे और पैदावार भी कम होगी.
इस फसल के लिए लाभदायक
यह बरसात (Unseasonal Rain) अक्टूबर/जनवरी-फरवरी में लगाए गए गन्ने के लिए लाभदायक है. सब्जियों के लिए भी हल्की बारिश लाभदायक है.
आम के बागों में गोली के आकार के आम के फल बनने लगे हैं. यह बरसात आम के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि पत्तियों की धुलाई हो जाने से कीट/रोग लगने की संभावना कम होगी और फलों के अच्छी बढ़वार होगी.
डा. रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि जो फसलें पक कर तैयार हैं उनकी कटाई-मड़ाई मौका मिलते ही करें और अनाज को सुरक्षित करें.
मौसम का जानें पूर्वानुमान
किसानों को मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर ध्यान देते रहना चाहिए. इसके लिए रोजाना मौसम की अपडेट आकाशवाणी, डी.डी. किसान पर दी जाती है. इसके अलावा फार्म एन फूड की वेबसाइट पर भी मौसम की जानकारी दी जाती है. इनके अलावा भी अनेक स्रोत हैं, मौसम ऐप हैं, जहां से आप आने वाले मौसम के बारे में जान सकते हैं.
कैसे करें गेहूं का भंडारण?
गेहूं के भंडारण में अगर दानों में नमी है तो उसमें घुन लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे मे किसान गेहूं की कटाई, गहाई के बाद उसके दानों को धूप में सुखा लें और जब गेहूं में 11 फीसदी के आसपास नमी होगी तो भंडारण के लिए बहुत ही अच्छा होगा. इसकी पहचान के लिए गेहूं के दानों को दांत से काटेंगे तो ‘कट’ की आवाज आएगी. इसका मतलब है कि आप गेहूं का भंडारण कर सकते हैं.
इसके अलावा ऐसी जगह में गेहूं का भंडारण करें जहां पर हवा का आना-जाना न बना हो, क्योंकि नमीयुक्त हवा भी गेहूं को नुकसान पहुंचाती है.
अनाज भरने के लिए साफ बोरियों का इस्तेमाल करें.





