Bengal Elections 2026 : भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर ली. आखिर प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के किसानों के लिए बड़ेबड़े वादे भी तो किए थे. उस में सब से प्रमुख वादा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि को 6,000 से बढ़ा कर 9,000 करने का था. अब यहां के किसान उम्मीद कर रहे हैं कि 9,000 रुपए देने का वादा जल्दी ही पूरा होगा.

अभी देशभर के पात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल 6,000 रुपए दिए जाते हैं. यह रकम 3 किस्तों में किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है. हर 4 महीने पर 2,000 रुपए की एक किस्त जारी होती है. ऐसे में 9,000 रुपए की घोषणा किसानों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखी जा रही है.

लेकिन उन किसानों का क्या जिन्हें आप पहले से 6,000 रुपए देते आए हैं? क्या उन्हें भी आगे से 9,000 रुपए मिलेंगे या फिर यह किसानों के बीच भेदभाव कहा जाएगा?

चुनाव जीतने से पहले भाजपा ने सिर्फ पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि बढ़ाने की बात नहीं कही, बल्कि यह भी दावा किया कि किसानों को उन की फसलों का बेहतर दाम दिलाया जाएगा. राज्य की मंडियों से बिचौलियों को हटाया जाएगा, ताकि किसानों को उन की उपज का सही मूल्य मिल सके.
लेकिन क्या अभी तक देश के अन्य राज्यों के किसानों को उन की उपज का सही दाम मिल रहा है? इस का जवाब ज़्यादातर नहीं में ही मिलेगा. जी हां, पिछले दिनों हम ने उत्तर प्रदेश के आलू किसानों का हाल देखा. उन के आलू के ढेर खेत में ही सड़ गए. व्यापारी वे आलू 2-3 रुपए प्रति किलो की दर से भी उठाने को राजी नहीं थे. किसानों की लागत निकलना तो दूर लाखों का नुकसान उठा बैठे और सरकार बात करती है कि किसानों की आमदनी दिनोंदिन बढ़ रही है.

यही हाल गेहूं उपज का है. सरकार भले ही दावे करे कि गेहूं उपज के सही दाम मिलेंगे, एमएसपी मिलेगी, लेकिन उन किसानों से पूछो जब गेहूं की तोल होती है तो कभी नमी के नाम पर, कभी गुणवत्ता के नाम पर, तो कभी बोरी के वजन के नाम पर उस की उपज की तोल कम की जाती है. इस बारे में किसानों का कहना है कि हमें लूटने में न तो व्यापारी कसर छोड़ता है, न ही हमें सरकार से उचित दाम मिलते हैं,
इसलिए सरकार के इन खोखले दावों के आगे किसान और मजदूर दोनों ही मजबूर है. उसे बस वोट बैंक के लिए उन्हें इस्तेमाल करना है.

इस के अलावा पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले मत्स्यपालन और ग्रामीण रोजगार पर भी ‘ब्लू रिवोल्यूशन’ को बढ़ावा देने की भी बात कही थी. उन्होंने दावा किया था कि मछली उत्पादन बढ़ा कर राज्य को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का वादा भी किया गया था.

अब देखना यह है कि चुनावी मंच से किए गए वादों को नई सरकार कब और कितना पूरा करती है. और अगर करती भी है तो क्या पश्चिम बंगाल के अलावा देशभर के अन्य किसानों को भी पीएम किसान सम्मान निधि, जो 9,000 रुपए देने की बात कही गई है, जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा?

अब यह सरकार को देखना है कि अगर पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ती है, तो उसे पूरे देश में समान रूप से लागू करना होगा.

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