Poultry Farming. यह काले मांस वाला मुरगा है. यह दूसरी प्रजातियों के मुकाबले 3 महीने में तैयार हो जाता है. इस का स्वाद भी ब्रायलर और देशी मुरगे से अलग है और उन से कहीं अधिक पौष्टिक होता है और इस का मीट कैंसर, डायबिटीज व दिल के मरीजों के लिए भी फायदेमंद होता है.

आज देश के अनेक हिस्सों में इसे पाला जा रहा है. इस प्रजाति के मुरगेमुरगी का मांस, चौंच, अंडे, खून सबकुछ काला होता है. कड़कनाथ में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है और ब्रायलर की तुलना में यह जल्दी तैयार हो जाता है.

कड़कनाथ मुरगे को लोकल भाषा में कालामासी कहते हैं. त्वचा और पंखों से ले कर मांस तक का रंग काला होता है इसलिए इस मुरगे के चिकन की मांग काफी है. इस में अलग स्वाद के साथसाथ औषधीय गुण भी होते हैं. इस प्रजाति के जिंदा पक्षी, इस के अंडे और इस का मांस दूसरी कुक्कुट प्रजातियों के मुकाबले काफी महंगा बिकता है.

मध्य प्रदेश  स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कड़कनाथ रिसर्च सैंटर के एक वैज्ञानिक डाक्टर आईएस तोमर ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली समेत पूरी टीम को कड़कनाथ मुरगा खाने की सलाह दी है. ऐसा इसलिए क्योंकि कड़कनाथ मुरगे में वसा और कोलेस्ट्रौल की मात्रा बेहद कम और प्रोटीन व आयरन की मात्रा भरपूर होती है.

कृषि वैज्ञानिक डाक्टर आईएस तोमर ने बीसीसीआई और विराट कोहली को एक चिट्ठी लिखी है. उन्होंने मीडिया में आई इन खबरों के बाद यह चिट्ठी लिखी है कि वसा और कोलेस्ट्रौल ज्यादा होने के डर से खिलाडि़यों ने ग्रिल्ड चिकन खाना छोड़ दिया है.

डाक्टर आईएस तोमर ने चिट्ठी में लिखा, ‘वसा और कोलेस्ट्रौल के कारण यदि विराट कोहली और अन्य खिलाड़ी ग्रिल्ड चिकन खाना छोड़ कर शाकाहारी डाइट ले रहे हैं तो वे बिना डरे  कड़कनाथ चिकन खा सकते हैं.’ Poultry Farming

अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें...