Milk Rates : दिल्ली-एनसीआर में बढ़े दूध के दाम. अमूल के बाद अब मदर डेयरी का दूध मिलेगा महंगा. आज से नए दाम लागू. पिछले कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि इन दिनों दूध के दामों में जल्दी-जल्दी बढ़ोतरी हो रही है. इसके पीछे एक सामान्य कारण है कि गर्मी आने पर दुधारू पशुओं का दूध घटने लगता है. इन दिनों हरे चारे की समस्या भी हो जाती है. लेकिन इस बार दुनिया-भर में बढ़ता आपसी तनाव भी एक कारण है. अभी दूध के दाम बढ़े हैं, आने वाले समय में खाद्यान्न वस्तुएं भी महंगी होने के आसार हैं.
इन दिनों दुधारू पशुओं की कीमतें भी छूती हैं आसमान
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान में बड़े पैमाने पर पशुपालन किया जाता है, जिसमें उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के लिए देश-भर में पहले नंबर पर है. लेकिन मई-जून के महीने में दूध उत्पादन घटने पर इन राज्यों में दुधारू पशुओं की कीमतें आसमान छूने लगती हैं. डेयरी किसानों के पास दूध की खासी कमी हो जाती है. ऐसे में दूध की कीमतें बढ़ना तय हो जाता है.
आज से महंगा मिलेगा दूध
दिल्ली-एनसीआर में मदर डेयरी के नए रेट आज से लागू होंगे. मदर डेयरी ने नए रेट की घोषणा कर दी है. अब एक लीटर टोकन मिल्क 56 की जगह 58 रुपए प्रति लीटर की हिसाब से मिलेगा.
• फुल क्रीम दूध के दाम 70 से बढ़कर 72 रुपए प्रति लीटर.
• टोंड दूध 58 की जगह 60 रुपए में 1 लीटर मिलेगा.
• डबल टोंड दूध 52 से बढ़कर 54 रुपए प्रति लीटर होगा.
• गाय का दूध 60 की जगह 62 रुपए प्रति लीटर मिलेगा.
• प्रो मिल्क 70 की जगह 72 रुपए प्रति लीटर मिलेगा.
मदर डेयरी अधिकारियों का है कहना
हमारे लगातार प्रयासों के बाद भी पिछले एक साल में किसान खरीद कीमतों में लगभग 6 फीसदी बढ़ोतरी हो चुकी है. यह सब देखते हुए दूध के दामों की कीमतों को बढ़ाना जरूरी हो गया था. यह संशोधन हमारी बढ़ी हुई लागतों का केवल आंशिक भार है और इसका उद्देश्य किसान कल्याण और ग्राहक के बीच एक उचित संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है.
दूध कारोबार में लगी सहकारी समितियों ने जब अपने ब्रांड के दूध के दाम बढ़ा दिए हैं तो यह भी तय है कि अब अन्य डेयरी फार्मिंग वाले लोग भी दूध और दूध से बने उत्पादों के दाम बढ़ाने को तैयार होंगे. ऐसे में दूध के दाम बढ़ना आम वर्ग के लिए एक ऐसा झटका है, जो दबे पांव आता है.
पशु चारा हुआ महंगा, दवाओं के भी बढ़ेंगे दाम
पशुओं से अधिक दूध उत्पादन लेने के लिए उनका उचित पोषण प्रबंधन भी जरूरी होता है. लेकिन बढ़ती पशु चारे की कीमतें, उनके सेहत को सुधारने वाली दवाओं का महंगा होना, दुधारू पशुओं के दामों का बढ़ना, दुनिया में अनेक देशों में बढ़ता आपसी तनाव, मौसम की मार, ये अनेक उदाहरण हैं जो दूध की कीमतों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं.





