Snacks : वैसे तो पेठा आम लोगों की सब से खास मिठाई है, लेकिन समय के साथ अब पेठा भी बदल रहा है. लखनऊ की मधुरिमा स्वीट्स ने पेठा सैंडविच तैयार किया है. यह पेठा की सब से अलग मिठाई है.
मधुरिमा स्वीट्स के मनीष गुप्ता बताते हैं कि पेठा सैंडविच में ऊपर और नीचे के हिस्से में पेठे की पतलीपतली 2 परतें होती हैं. दोनों परतों के बीच में खोया में केसर और सूखा मेवा मिला कर तैयार की गई पतली सी परत बिछा दी जाती है. सैंडविच के ऊपर चांदी का वर्क और पिस्ता लगा कर सजाया जाता है. इस के बाद उस को तिकोने आकार में काट दिया जाता है.
साधारण पेठे में केवल पेठे का रसीला कुरकुरा सा स्वाद मिलता है. पेठा सैंडविच में ऊपर और नीचे पेठे के साथ खोए का स्वाद आता है.
कई लोग पेठे को साधारण मिठाई की श्रेणी में रखते हैं, इसलिए किसी को देने में संकोच करते थे. मधुरिमा स्वीट्स ने पेठे को थोड़ा रिच करने के लिए पेठा सैंडविच तैयार किया है. उसे उपहार के रूप में देने में भी किसी को कोई झिझक नहीं होती है.
पेठा सब से ज्यादा बिकने वाली मिठाई है. उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, चेन्नई और राजस्थान में पेठा भारी मात्रा में तैयार होता है. पेठे की शुरुआत मुगलकाल के समय हुई थी. पहले पेठे का इस्तेमाल गरमी के मौसम में होता था. पेठा शरीर को तपती गरमी से राहत दिलाने का काम करता है. पेठा सस्ता और अच्छा पौष्टिक आहार माना जाता है.
नूरी दरवाजा, गुड़ की मंडी, फुलट्टी बाजार और पेठा वाली गली में पेठे का ही काम होता है.
अब पेठे की कई किस्में बनाने लगी हैं और पेठा देशभर के बाजारों में बिकता है. पेठा कद्दू से बनता है. साधारण बोली में इस को सफेद कद्दू और अंगरेजी में पंपकिन कहते हैं.
बनाएं पेठा सैंडविच
डेढ़ किलो सफेद कद्दू, 1 किलो चीनी, 10 ग्राम चूना और 2 बडे़ चम्मच गुलाब जल को इकट्ठा कर लें. कद्दू का छिलका व बीज अलग कर लें. इस के 5 इंच के चौकोर टुकड़े काट कर चूने के पानी में डाल दें. 8-10 घंटे बाद इन टुकड़ों को साफ पानी से 3-4 बार धो लें. टुकड़ों को हलका गूंथें और उबलते पानी में डाल कर हलका सा नरम कर लें. चीनी में पानी मिला कर चाशनी तैयार करें. थोड़ा सा दूध डाल कर चाशनी का मैल अलग कर लें. चाशनी में कद्दू के टुकड़े डाल कर 15 मिनट धीमी आंच पर पकाएं.
अगले दिन टुकड़े निकाल कर चाशनी गाढ़ी करें. इस में कद्दू के टुकड़े फिर पकाएं. इसे रात भर रखा रहने दें. तीसरे दिन भी इसे इसी तरह पकाएं.
इस के बाद पेठा सैंडविच में भरने के लिए खोए का मसाला तैयार कर लें. भूने खोए में सूखा पिसा हुआ मेवा मिला लें. इस की एक पतली परत तैयार करें. अब पेठे की पहले से तैयार परत रखें और बीच में खोए की परत भरें. ऊपर से पेठे की दूसरी परत रख दें. पिस्ता और चांदी के वर्क से इसे सजा दें.
चाकू से सैंडविच को तिकोना काट दें. इस को 4-5 दिन तक रखा जा सकता है. जो नौजवान पीढ़ी पेठे को कम ही खाती थी, आज पेठा सैंडविच को खूब पसंद कर रही है. अंकिता सिंह कहती हैं, ‘पेठा के मुकाबले पेठा सैंडविच का स्वाद मुझे ज्यादा अच्छा लगता है.’ Snacks





