Subsidy: उत्तर प्रदेश के किसानों को मिनिकिट योजना के तहत 50 फीसदी अनुदान पर मिलेंगे खरीफ फसल के प्रमाणित बीज. बीज किसानों तक समय पर पहुंच सकें इसके लिए सरकार ने बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी पूरी कर ली है. इस योजना के तहत कुल 1,99,910 क्विंटल प्रमाणित बीजों का वितरण होगा.
इस योजना के लिए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा-
हर हाल में 31 मई, 2026 तक प्रदेश के सभी क्रय केंद्रों तक बीज पहुंच जाने चाहिए ताकि किसानों को बोआई में कोई देरी न हो.
इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए कृषि विभाग ने तेजी से काम शुरू कर दिया है.
अभी तक विभिन्न सरकारी व संबंद्ध संस्थाओं के माध्यम से बीज केंद्रों पर उपलब्ध होने शुरू हो चुके हैं.
मोटे अनाजों पर भी फोकस
खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान के साथ-साथ सरकार इस बार दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों (Millets) पर भी विशेष ध्यान दे रही है. फसलों के अनुसार निर्धारित लक्ष्य इस प्रकार हैं :
क्या है वर्तमान स्थिति
# धान (मुख्य फसल)-80,000.
इस में 64,228 क्विंटल उपलब्ध (2,634 क्विंटल वितरित).
मूंगफली-57,446 (आपूर्ति प्रक्रिया जारी).
# उड़द-23,958 (आपूर्ति प्रक्रिया जारी).
#अरहर-21,225 (आपूर्ति प्रक्रिया जारी).
# मूंग-3,946 (आपूर्ति प्रक्रिया जारी).
# तिल-3,827 (आपूर्ति प्रक्रिया जारी).
# सोयाबीन-2,999 (आपूर्ति प्रक्रिया जारी).
इन सबके अलावा मोटे अनाज (Millets) के अतिरिक्त ज्वार, बाजरा, सावां, कोदो, रागी, काकून और कुटकी के बीज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें मुख्य रूप से बाजरा के लिए 1,972 क्विंटल और रागी के लिए 1,500 क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है.
इन संस्थाओं को सौंपा है जिम्मा
उत्तर प्रदेश में किसानो तक बीजों की पहुंच बन सके इसके लिए कृषि विभाग के साथ-साथ सहकारिता विभाग, आई.एफ.एफ.डी.सी. (IFFDC), एच.आई.एल. (HIL) और बी.बी.एस.एस.एल. (BBSSL) जैसी संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है.
अनुदान के लिए करें आवेदन
जो किसान अनुदान पर बीज लेना चाहते हैं उन्हें agriculture.up.gov.in पोर्टल पर अपना आवेदन करना होगा. इस काम को जितना जल्दी हो सके किसान पूरा कर लें, जिससे समय पर बोआई का काम निबट सके.





