Potato Processing Units . इस साल बड़ी उम्मीद के साथ उत्तर प्रदेश के किसानों ने बड़ी मात्रा में आलू की खेती की और आलू की बंपर पैदावार के बाद किसानों के आलू खेत में सड़ गए या फिर कौड़ी के भाव उन्हें बेचना पड़ा. आलू की बेहतर मानी जाने वाली किस्म चिप्सोना आलू भी 2 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से भी व्यापारी आलू खेत से उठाने को तैयार नहीं हुआ. यह आंखों देखी हकीकत है. आज भी कई किसानों के खेत में आलू के ढेर पड़े-पड़े सड़ गए. आलू में लगने वाली लागत भी वसूल नहीं हुई, उल्टा किसान कर्जदार हो गया.

आलू खरीद में सरकार हुई फेल

इस साल आलू की बंपर पैदावार हुई लेकिन दुनिया में युद्ध के चलते खाड़ी देशों में आलू का निर्यात नहीं हो सका है. बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू का 6.50 रुपए प्रति किलो में खरीदने की बात कही थी लेकिन वह खरीद शुरू नहीं हो सकी और किसान ठगा गया.

आलू किसानों के बदलेंगे हालात, लगेंगी प्रोसेसिंग यूनिट

आलू किसानों के हालात से सरकार भी वाकिफ है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू की प्रोसेसिंग को लेकर बड़ा कदम उठाया है. किसानों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश में आलू आधारित उद्योग लगाए जाएंगे. इसके लिए प्रदेश में आगरा, अलीगढ़, हाथरस सहित 16 जिलों का चयन हुआ है. इसमें स्वीकृत औद्योगिक इकाइयों में आलू पाउडर, वोदका, स्टार्च, चिप्स, भुजिया आदि उत्पाद बनाने वाली यूनिट लगेंगी, जिससे आलू बर्बाद नहीं होगा और किसानो को आलू की अच्छी कीमत भी मिल सकेगी.

युवाओं को मिलेगा रोजगार

सरकार द्वारा इस स्टार्टअप योजना में इसका लाभ युवा उद्यमियों को मिलेगा. सरकार की ओर से कई सुविधाएं भी दी जाएंगी. उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत इन इकाइयों को मंजूरी दी गई है.

अलीगढ़ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा अधिक फायदा

अलीगढ़ और आसपास के जिलों में प्रमुख रूप से चिप्सोना, 3797, हाइब्रिड और कुफरी प्रजातियां होती हैं, जिसमें इगलास, खैर, अतरौली, गभाना व कोल तहसील क्षेत्र में भी किसान बड़ी मात्रा में आलू की खेती करते हैं।और यहां के आलू की विदेशों में भी मांग रहती है.

आलू की अधिक पैदावार होने पर अधिकतर किसान अपना आलू आसपास के कोल्ड स्टोर में भी रखते हैं लेकिन आलू की अधिक पैदावार होने पर कोल्ड स्टोर भी कम पड़ जाते हैं. ऐसे में किसान व्यापारी के हाथों औनेपौने दामों पर आलू बेचने को मजबूर होता है.

इस बार उत्तर प्रदेश में बड़ी मात्रा में आलू की खेती की गई जिसमें अच्छी उपज के बाद भी किसानों की लागत भी नहीं निकल पाई, बल्कि उसे अगली फसल के लिए कर्ज तक लेने की नौबत आ गई. सरकार भी तय रकम पर किसानों का आलू नहीं खरीद पाई. ऐसे में अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा आलू की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का कदम किसानों को कुछ राहत भरा कदम हो सकता है.

हमारा भी मानना है कि किसानों को अपनी उपज को लेकर खुद भी सचेत रहना होगा और उसे अपनी उपज की प्रोसेसिंग की तरफ कदम बढ़ाने होंगे और सरकार का भी कर्त्तव्य है कि वह भी किसानों की उपज का उचित मूल्य दे. साथ ही, उनके उत्पाद की मार्केटिंग में भी मददगार बने.

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